ई20 ईंधन के संभावित माइलेज और इंजन स्वास्थ्य प्रभाव को लेकर पुराने कार मालिकों ने प्रीमियम पेट्रोल की ओर रुख किया है, जिससे दिल्ली के पम्पों पर बिक्री में दोगुनी से पाँच गुना तक की वृद्धि देखी जा रही है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ई20 के प्रभाव को लेकर पुराने वाहन मालिकों में चिंता बढ़ी
- इंडियनऑयल का XP100 जैसे एथेनॉल‑मुक्त प्रीमियम पेट्रोल की मांग दोगुनी से पाँच गुना बढ़ी
- पेट्रोल डीलर संघ ने सरकार से ई20 रोलआउट पुनर्विचार की मांग की
दिल्ली के कई पेट्रोल पम्पों पर प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री ने अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। खासकर XP95, XP100 और Speed 97 जैसे हाई‑ऑक्टेन विकल्पों की मांग, पुराने गैसोलिन‑चलित वाहनों के मालिकों के बीच ई20 ईंधन के संभावित नकारात्मक प्रभावों को लेकर बढ़ती आशंकाओं के कारण, तेज़ी से बढ़ी है।
प्रीमियम पेट्रोल की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख रिटेल स्टेशन पर प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री लगभग दो गुना हो गई है, जबकि धनी पड़ोसों में यह पाँच गुना तक बढ़ी है। भारतीय पेट्रोलियम के XP95 में लगभग 20 % एथेनॉल है, जो सामान्य E20 के बराबर है, जबकि XP100 पूरी तरह एथेनॉल‑रहित है – देश में उपलब्ध एकमात्र ऐसा विकल्प। इस कारण, कई उपभोक्ताओं ने महंगे होने के बावजूद एथेनॉल‑मुक्त पेट्रोल की ओर रुख किया है।
E20 रोलआउट की पृष्ठभूमि और चुनौतियाँ
अप्रैल 2025 में सरकार ने 20 % एथेनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर लिया, जिससे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और वाहन उत्सर्जन कम करने का उद्देश्य पूरा हुआ। हालांकि, आधिकारिक तौर पर E20 को “सुरक्षित” बताया गया है, लेकिन 2013‑2022 के बीच निर्मित पुरानी कारों और दोपहिया वाहनों के मालिकों ने माइलेज में गिरावट और ईंधन प्रणाली में जंग जैसी समस्याओं की शिकायत की है। एथेनॉल की हायग्रोस्कोपिक प्रकृति इसे नमी अवशोषित करने योग्य बनाती है, जिससे रबर सील, होज़ और गैस्केट पर क्षरण की संभावना बढ़ती है।
सर्वेक्षण डेटा और उपभोक्ता भावना
स्थानीय सर्वेक्षण प्लेटफ़ॉर्म LocalCircles द्वारा किए गए दो बड़े सर्वे में 44,000 से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन मालिकों ने बताया कि 66 % ने 2025 के बाद 10 % से अधिक माइलेज घटाव का अनुभव किया, जबकि 55 % ने वाहन के अधिक घिसाव या मरम्मत की आवश्यकता बताई। इसके अलावा, 53 % ने ई20 रोलआउट के प्रबंधन को “विनाशकारी” या “अप्रभावी” बताया, जो नीति संवाद में गंभीर असंतोष दर्शाता है।
डीलर संघ की प्रतिक्रिया और आगे की दिशा
पेट्रोल डीलर एसोसिएशन (PDA) ने सरकार को ई20 रोलआउट पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है, यह तर्क देते हुए कि ग्राहक लगातार तकनीकी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। PDA के अध्यक्ष सशंक सेकहर साहू ने कहा, “हमारे डीलर नीतियों को तय नहीं करते, परंतु हमें ग्राहक की नकारात्मक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ता है।” इस पर सरकार की प्रतिक्रिया अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है, जिससे आगे की नीति दिशा अनिश्चित रहती है।