हैदराबाद मेट्रो रेल के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक बी. अजीत रेड्डी ने कोच निर्माताओं के साथ बातचीत का निर्देश दिया और टीजीएसआरटी व परिवहन विभाग के साथ मिलकर पहला‑और‑अंतिम‑मील कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा। यह कदम शहर के तेज़ी से बढ़ते सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को भविष्य‑सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • अतिरिक्त कोचों की व्यवस्था हेतु कोच निर्माताओं से चर्चा
  • पहला‑और‑अंतिम‑मील कनेक्टिविटी के लिए टीजीएसआरटी और परिवहन विभाग के साथ समन्वय
  • स्मार्ट स्कीवॉक और स्टेशन‑आधारित पायलट प्रोजेक्ट्स का कार्यान्वयन

हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (HMRL) ने अपने 69 किमी के फेज‑I नेटवर्क को तीन मुख्य धुरों में परिचालन में लाया है, लेकिन उपयोगकर्ता संख्या में निरंतर वृद्धि के साथ अतिरिक्त क्षमताओं की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है। इस संदर्भ में, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक बी. अजीत रेड्डी ने बुधवार को एक समीक्षा बैठक में कोच निर्माताओं के साथ वार्ता शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि मौजूदा ट्रैक पर अतिरिक्त कोच जोड़े जा सकें।

पहला‑और‑अंतिम‑मील कनेक्टिविटी पर ज़ोर

रेड्डी ने कहा कि मेट्रो स्टेशन की सफलता मुख्यतः इस बात पर निर्भर करती है कि यात्रियों को स्टेशन तक और स्टेशन से बाहर कैसे जोड़ा जाता है। इसलिए उन्होंने तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TGSRTC) और राज्य परिवहन विभाग के साथ मिलकर उचित समाधान खोजने का आग्रह किया। यह सहयोग बस‑सेवा, शेयर‑टैक्सी और साइकिल‑शेयरिंग जैसी मल्टी‑मोडल विकल्पों को एकीकृत करने की दिशा में होगा।

स्कीवॉक और पायलट परियोजनाएँ

बैठक में स्कीवॉक के रख‑रखाव और विस्तार के उपायों पर भी चर्चा हुई। मेट्रो स्टेशनों के साथ जुड़े स्कीवॉक को न केवल सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाना है, बल्कि उन्हें सुलभ और जलवायु‑सहनशील भी बनाना है। रेड्डी ने प्रत्येक स्टेशन की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीयकृत योजनाओं की तैयारी का आदेश दिया और कुछ प्रमुख स्टेशनों पर पायलट परियोजनाओं को लागू करने का प्रस्ताव रखा।

उच्च‑घनत्व क्षेत्रों में विस्तार की रूपरेखा

हाइटेक सिटी, रायडुर्ग, गाचिबोली, फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट और कोंडापुर जैसे उच्च‑घनत्व वाले क्षेत्रों में सार्वजनिक तेज़ परिवहन (PRTS) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त कोचों की तैनाती और स्कीवॉक सुधार दोनों ही यात्रियों के प्रवाह को सहज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

सुरक्षा और निरीक्षण पहल

मेट्रो रेल सुरक्षा विभाग द्वारा लागू किए जा रहे कई सुरक्षा उपायों को भी विस्तृत रूप से बताया गया। साथ ही, रेड्डी ने व्यक्तिगत रूप से विभिन्न स्टेशनों का निरीक्षण करने और संचालन‑रखरखाव की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए निकट भविष्य में फील्ड विज़िट करने का वादा किया, जिससे नीति‑निर्माताओं को वास्तविक समय में फीडबैक मिल सके।