एक चीन‑संबंधित खतरा समूह ने अमेरिकी व कनाडाई विश्वविद्यालयों के Roundcube वेबमेल सर्वरों में मौजूद दो सुरक्षा खामियों (CVE‑2024‑42009, CVE‑2025‑49113) का फायदा उठाकर शोधकर्ताओं की लॉगिन जानकारी और संवेदनशील डेटा चुराया। इस अभियान में भौतिक विज्ञान, एयरोस्पेस और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभागों को निशाना बनाया गया।
साइबर सुरक्षा फर्म Proofpoint ने एक नई जासूसी अभियान का खुलासा किया, जिसका कोड‑नाम UNK_MassTraction है। यह समूह, जिसे चीन‑सम्बंधित माना जा रहा है, ने मई 2026 से लगातार यू.एस. और कनाडा के शीर्ष विश्वविद्यालयों के Roundcube वेबमेल सर्वरों को लक्षित किया। अभियान में भौतिक‑इंजीनियरिंग विभाग, प्रोफेसर, तथा एस्ट्रोफिज़िक्स और कण‑भौतिकी से जुड़े अनुसंधान संस्थानों को प्राथमिकता दी गई।
हमले की कार्यप्रणाली
हैकर्स ने पहले संक्रमित ई‑मेल खातों या जाली डोमेनों से आकर्षक लुभावनी संदेश भेजे। जब प्राप्तकर्ता ने इन संदेशों को कमजोर Roundcube क्लाइंट (CVE‑2024‑42009 के तहत XSS) में खोलाया, तो जावास्क्रिप्ट कोड निष्पादित होकर IceCube नामक मालवेयर लोड हुआ। IceCube उपयोगकर्ता नाम, पासवर्ड, कुकीज़, दो‑कारक प्रमाणीकरण (2FA) टोकन और ब्राउज़र मेटाडेटा चुराता है।
इसके बाद मालवेयर CVE‑2025‑49113 के डीसिरियलाइज़ेशन दोष का उपयोग कर SquareShell (एक PHP वेबशेल) स्थापित करने की कोशिश करता है। यदि यह सफल हो जाता है, तो हमलावर को मेल सर्वर पर रिमोट कोड निष्पादन (RCE) का अधिकार मिल जाता है। असफलता की स्थिति में, एक शैल स्क्रिप्ट डाउनलोड हो कर मेमोरी में VShell नामक Go‑आधारित बैकडोर लोड करती है, जो इंटरैक्टिव शेल और पोर्ट‑फ़ॉरवर्डिंग की सुविधा देती है—जो अक्सर चीनी जासूसी समूहों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
क्यों माना जाता है चीन‑सम्बंधित
Proofpoint ने कई संकेतों को मिलाकर यह निष्कर्ष निकाला है कि यह समूह चीन‑सम्बंधित जासूसी एक्टर्स के साथ जुड़ा हो सकता है। प्रथम, इस अभियान में प्रयुक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर पहले कई चीन‑सम्बंधित एक्टर्स के छिपे हुए VPS नेटवर्क से ओवरलैप करता है। द्वितीय, शुरुआती फ़िशिंग ई‑मेल में चीनी भाषा के संकेत मिले। तीसरा, इंटरनेट‑फेसिंग मेल सर्वरों को प्रवेश बिंदु बनाकर आंतरिक नेटवर्क तक पहुँच बनाना, चीन‑आधारित सायबर ऑपरेशनों की विशिष्ट रणनीति है।
उपाय एवं सिफ़ारिशें
प्रशासनिक पक्ष को तुरंत Roundcube के नवीनतम सुरक्षा पैच लागू करना चाहिए, जिससे दोनों उल्लेखित खामियों को बंद किया जा सके। इसके अतिरिक्त, मेल सर्वरों को VPN या अन्य रिमोट एक्सेस नोड्स की तरह ही सख़्त निगरानी, नियमित पेन‑टेस्ट और मल्टी‑फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) लागू करना आवश्यक है। संस्थानों को यह भी सलाह दी जाती है कि सभी ई‑मेल ट्रैफ़िक को सैंडबॉक्स में स्कैन किया जाए और अनजाने डोमेनों से आने वाले अटैचमेंट्स को ब्लॉक किया जाए।
भविष्य की संभावनाएँ
यदि इस तरह के लक्ष्य‑उन्मुख हमलों को रोका नहीं गया, तो शैक्षणिक संस्थानों में संवेदनशील राष्ट्रीय‑सुरक्षा डेटा, पेटेंट‑आधारित नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। इस घटना ने दिखाया कि कैसे एक पुरानी वेबमेल एप्लिकेशन भी जटिल जासूसी अभियानों का प्रवेश द्वार बन सकती है। इसलिए, साइबर‑डिफेंस की रणनीति को केवल फ़ायरवॉल या एंटी‑वायरस तक सीमित नहीं रखकर, पूरे ई‑मेल इकोसिस्टम की हार्डनिंग पर ध्यान देना चाहिए।