केरल के कोल्लम जिले में फ़ूड सेफ़्टी विभाग ने तीन महीने में 1,497 व्यवसायों की जांच की और कुल ₹1,67,900 जुर्माना लगाया। इस कार्रवाई में 223 नोटिस, 14 रेस्तरां बंद, और 42 गंभीर मामलों को अदालत में भेजा गया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • कोल्लम में 1,497 खाद्य इकाइयों की तीन महीने में व्यापक जांच
  • कुल जुर्माना ₹1,67,900, 223 नोटिस, 14 रेस्तरां बंद
  • ‘Clean Kerala’, ‘Operation Safe Summer’, और रमज़ान विशेष अभियानों के तहत अतिरिक्त जांच

केरल के कोल्लम जिले में फ़ूड सेफ़्टी विभाग ने ‘Clean Kerala’ अभियान के अंतर्गत एक तीव्र कार्रवाई शुरू की, जिसमें तीन महीने की अवधि में 1,497 खाद्य व्यवसायों का निरीक्षण किया गया। इस अभियान का उद्देश्य न केवल मौजूदा नियमों को लागू करना था, बल्कि भविष्य में संभावित उल्लंघनों को रोकने के लिए एक सतत निगरानी तंत्र स्थापित करना भी था।

जुर्माना और तत्काल बंदी आदेश

जुलाई 10, 2026 को जिला कलेक्टराते में आयोजित व्यापक समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कुल ₹1,67,900 का जुर्माना विभिन्न गैर‑अनुपालन व्यवसायों पर लगाया गया। 223 संस्थाओं को आधिकारिक नोटिस जारी किया गया, जबकि 14 रेस्तरां को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया क्योंकि वे बुनियादी स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों को नहीं पूरा कर रहे थे।

नमूना संग्रह और लैब विश्लेषण

जांच के दौरान 918 खाद्य नमूने विभिन्न क्षेत्रों से एकत्रित किए गए और राज्य के मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में विस्तृत विश्लेषण के लिए भेजे गए। इन नमूनों में से कई में संभावित दूषित पदार्थ, असंतुलित एंटीबायोटिक उपयोग, और अनधिकृत एडिटिव्स का पता चला, जिससे 42 मामलों को वर्तमान में अदालत में अभियोजन के लिए प्रस्तुत किया गया है।

विशेष अभियानों की भूमिका

‘Operation Safe Summer’ (मार्च‑मई) के दौरान 443 स्पॉट चेक किए गए, जिससे 97 व्यवसायों को नोटिस जारी किया गया। इसी दौरान, रमज़ान के उत्सव अवधि में 149 विक्रेताओं की जांच की गई, जिनमें से 28 को मानक स्वच्छता न मिलने के कारण नोटिस मिला। यह दर्शाता है कि मौसमी और धार्मिक अवधि में भी विभाग ने सतर्कता नहीं कम की।

संयुक्त टास्क फ़ोर्स और भविष्य की दिशा

फ़ूड सेफ़्टी विभाग ने स्कूल किचन, अनाथालय, वृद्धाश्रम, पर्यटन स्थल और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास के क्षेत्रों को शामिल करते हुए कई अन्य सरकारी विभागों के साथ संयुक्त टास्क‑फ़ोर्स स्थापित किए। इन समूहों ने न केवल नियमित निरीक्षण किया, बल्कि एक बंद निजी फर्म—जो पहले मिलावट वाले नारियल तेल के कारण बंद किया गया था—को फिर से संचालन में पाकर पुलिस को त्वरित जांच करने का निर्देश भी दिया। इस तरह की बहु‑विभागीय सहयोगी रणनीति भविष्य में खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों को जल्दी पहचानने और रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।