तेलंगाना सरकार 13 जुलाई को सभी 33 जिलों में 1‑19 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाज़ोल टैबलेट प्रदान करेगी। एक अतिरिक्त मॉप‑अप दिवस 20 जुलाई को आयोजित कर अनुपस्थित बच्चों को भी कवर किया जाएगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 13 जुलाई को 96.81 लाख बच्चों को एक ही दिन अल्बेंडाज़ोल दिया जाएगा।
  • एक अतिरिक्त मॉप‑अप दिवस 20 जुलाई को निर्धारित है।
  • डीवॉर्मिंग से एनीमिया, स्कूल अनुपस्थिति और उत्पादन में कमी में कमी आएगी।

तेलंगाना सरकार ने राष्ट्रीय डीवॉर्मिंग दिवस (NDD) के तहत 13 जुलाई को 96.81 लाख बच्चों को अल्बेंडाज़ोल टैबलेट वितरित करने का व्यापक योजना घोषित की है। यह पहल राज्य के सभी 33 जिलों में एंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और महाविद्यालयों के माध्यम से एक समान मंच पर लागू की जाएगी, जिससे 1‑19 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को एक ही दिन उपचार मिल सके।

कार्यक्रम की रूपरेखा

अल्बेंडाज़ोल टैबलेट की खुराक आयु के अनुसार तय की गई है: 1‑2 वर्ष के बच्चों को आधा टैबलेट (कुचला हुआ) दिया जाएगा, 2‑3 वर्ष के बच्चों को एक पूरा कुचला टैबलेट, और 3‑19 वर्ष के बच्चों को एक पूरा टैबलेट चबाकर दिया जाएगा। प्रत्येक टैबलेट में 400 mg सक्रिय घटक है, जो मिट्टी‑संक्रमित हेल्मिंथ संक्रमण को समाप्त करने में प्रभावी सिद्ध हुआ है।

स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस एकल‑दिन के डीवॉर्मिंग अभियान से एनीमिया, पेट‑कीड़े से जुड़ी बीमारियों में कमी, बच्चों की ऊर्जा स्तर में सुधार, स्कूल अनुपस्थिति में गिरावट और कार्यक्षमता में वृद्धि जैसी कई सकारात्मक परिणाम अपेक्षित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी 5‑14 वर्ष के बच्चों में वार्षिक डीवॉर्मिंग को सिफारिश की है, जिससे शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित होते हैं।

मॉप‑अप दिवस की आवश्यकता

13 जुलाई के मुख्य दिवस में अनुपस्थित, बीमार या किसी कारणवश नहीं पहुँच पाने वाले बच्चों को कवर करने के लिए 20 जुलाई को एक मॉप‑अप दिवस (MUD) आयोजित किया जाएगा। इस अतिरिक्त दिवस से लक्ष्यित कवरेज 100 % के करीब पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिससे सामाजिक असमानताओं को कम करने में मदद मिलेगी।

इतिहास और भविष्य की दिशा

भारत में राष्ट्रीय डीवॉर्मिंग दिवस की शुरुआत 2015 में हुई थी, जब केंद्र सरकार ने 1‑19 वर्ष के सभी बच्चों को अल्बेंडाज़ोल देने का आदेश जारी किया। तेलंगाना ने पिछले वर्षों में इस पहल को सफलतापूर्वक लागू किया है, लेकिन इस बार लक्ष्य आकार में बढ़ा कर 96.81 लाख बच्चों तक पहुंचने का इरादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर और व्यापक डीवॉर्मिंग कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य असमानताओं को घटाने के प्रमुख साधनों में से एक है, और यह शैक्षिक एवं आर्थिक विकास के लिए एक नींव रखता है।