महीप कपूर ने अपनी कैंडीडिया समस्या के कारण शुगर को पूरी तरह छोड़ दिया, लेकिन चिकित्सक बताते हैं कि शुगर को पूरी तरह हटाना जरूरी नहीं। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि संतुलित आहार, उचित सप्लीमेंट और नियमित जांच ही सच्ची कुंजी है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- महीप कपूर ने कैंडीडिया के कारण शुगर बंद कर दी।
- डॉ. विजय नेगालूर ने शुगर प्रतिबंध की आवश्यकता पर संतुलन की सलाह दी।
- सप्लीमेंट्स का उपयोग डॉक्टर की निगरानी में ही करना चाहिए।
भारतीय टेलीविज़न जगत की मशहूर अभिनेत्री महीप कपूर ने हाल ही में अपने कैंडीडिया संक्रमण के कारण शुगर को पूरी तरह बंद करने का फैसला बताया। वह यह बात अपने यूट्यूब पोडकास्ट में सोहा अली खान को सुनाते हुए कहती हैं कि “जग्गरी, नारियल शुगर, डेट सिरप या शहद भी शुगर ही हैं, इसलिए इनसे भी बचना जरूरी है”। इस बयान ने सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा को जन्म दिया, जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस दृष्टिकोण की वैज्ञानिक वैधता पर सवाल उठाते हैं।
कैंडीडिया और शुगर का संबंध
कैंडीडिया एक सामान्य फंगल संक्रमण है, जो Candida प्रजाति के यीस्ट द्वारा उत्पन्न होता है। यह अक्सर मधुमेह, एंटीबायोटिक दवा, हार्मोनल परिवर्तन या कमजोर इम्यून सिस्टम जैसी स्थितियों के कारण बढ़ जाता है। शुगर, चाहे वह सफेद चीनी हो या प्राकृतिक मिठास, रक्त शर्करा स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे फंगल वृद्धि को प्रोत्साहन मिल सकता है। परन्तु, डॉ. विजय नेगालूर, एमएससी, KIMS अस्पताल, थाने के प्रमुख डायबिटोलॉजी, ने कहा, “शुगर को पूरी तरह हटाना सभी के लिए आवश्यक नहीं है; मध्यम मात्रा में सेवन और संतुलित आहार ही मुख्य सिद्धांत होना चाहिए।”
सप्लीमेंट्स के बारे में डॉक्टर की राय
महीप कपूर ने अपने सप्लीमेंट रेज़िम का उल्लेख किया – मैग्नीशियम (नींद के लिए), सिट्रेट (पाचन), कोएंजाइम Q10, ओमेगा‑3 और ग्लूटाथियोन (लीवर की देखभाल)। नेगालूर ने स्पष्ट किया कि ये सप्लीमेंट कुछ विशिष्ट पोषण लाभ दे सकते हैं, परन्तु “ये किसी भी रोग, विशेषकर कैंडीडिया, के इलाज का विकल्प नहीं हैं”। वह यह भी जोड़ते हैं कि सप्लीमेंट का चयन व्यक्तिगत स्वास्थ्य प्रोफ़ाइल, आयु और मौजूदा रोगों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
व्यावहारिक सुझाव
विशेषज्ञों के अनुसार, शुगर को पूरी तरह हटाने के बजाय निम्नलिखित उपाय अपनाना अधिक प्रभावी है:
- रक्त शर्करा स्तर को नियमित रूप से मॉनिटर करें।
- संतुलित आहार में फाइबर, प्रोटीन और स्वस्थ वसा को शामिल करें।
- डॉक्टर की सलाह पर ही सप्लीमेंट लें, विशेषकर जब कोई अंतर्निहित बीमारी हो।
- शरीर में फंगल संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए उचित एंटी‑फंगल दवाओं का प्रयोग करें।
अंत में यह कहा जा सकता है कि मशहूर हस्तियों के स्वास्थ्य अनुभव से जागरूकता बढ़ती है, परंतु व्यक्तिगत उपचार योजना हमेशा पेशेवर चिकित्सक द्वारा तय की जानी चाहिए।