फ़्रांस की संसद ने एडल्ट रोगियों को घातक दवा प्रदान करने वाले सहायक‑मृत्यु बिल को अंतिम रूप दिया। 2023 की रिपोर्ट और दो दशकों के सर्वेक्षण दर्शाते हैं कि अधिकांश फ्रांसीसी इस कानून के पक्ष में हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • फ़्रांस की राष्ट्रीय सभा ने सहायक‑मृत्यु विधेयक को मंज़ूरी दी।
  • कानून के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र के गंभीर रोगियों को स्वयं‑प्रशासित घातक दवा मिल सकेगी।
  • संकटग्रस्त रोगियों के अधिकारों को सुदृढ़ करने के लिए संविधान परिषद की समीक्षा अनिवार्य है।

फ़्रांस की राष्ट्रीय सभा ने बुधवार को वह विधेयक पारित कर लिया, जो अनिवार्य रोगों से ग्रस्त वयस्कों को चिकित्सकीय सहायक‑मृत्यु की अनुमति देता है। यह कदम राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रॉन के तीन साल पहले प्रस्तावित सुधार का अंतिम टकराव है, जिसने कई वर्षों तक सार्वजनिक और पार्लियामेंटरी बहस को जन्म दिया।

विधेयक की मुख्य शर्तें

कानून के अनुसार, केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के, फ्रांस के नागरिक या वैध निवासी, और गंभीर, अपरिवर्तनीय रोगों से पीड़ित मरीज ही इस विकल्प का अनुरोध कर सकते हैं। डॉक्टर को पहले एक बहु‑विशेषज्ञ टीम से परामर्श करना होगा, जो पुष्टि करेगी कि रोग जीवन‑धमकीपूर्ण और उपचार‑असफल है। रोगी को कम से कम दो दिन की विचार‑अवधि और 15 दिन की चिकित्सकीय समीक्षा का सामना करना पड़ेगा, जिसके बाद वह स्वयं इच्छित स्थान पर घातक दवा ले सकता है।

संविधानिक समीक्षा और राजनीतिक पृष्ठभूमि

साथ ही, सीनेट ने इस विधेयक को अस्वीकृत कर दिया, जिससे दो सदनों के बीच असहमति बनी। फ्रांसीसी विधायी प्रक्रिया के अनुसार, अंततः राष्ट्रीय सभा का मत निर्णायक माना जाता है। विधेयक को अपनाने के बाद, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री इसे संविधान परिषद को भेजेंगे, जो अगले महीने तक इसकी संवैधानिकता का मूल्यांकन करेगा। इस समीक्षा के बिना कानून लागू नहीं होगा।

सामाजिक समर्थन और विरोध

2023 के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 70 % से अधिक फ्रांसीसी लोग अंत‑जीवन विकल्पों को वैध बनाने के पक्ष में हैं, और पिछले दो दशकों में यह समर्थन निरंतर बढ़ता गया है। दायित्व‑संकल्प संगठनों ने कहा कि यह कानून “मानव गरिमा को संरक्षित करते हुए पीड़ितों को अपने भाग्य को नियंत्रित करने का अधिकार देता है”। दूसरी ओर, एंटी‑एथेनाज़िया समूह Alliance Vita ने चेतावनी दी कि यह विधेयक वृद्ध व रोगियों पर सामाजिक दबाव बढ़ा सकता है और पैलियेटिव देखभाल को प्राथमिकता देना चाहिए।

विश्व स्तर पर तुलना

फ़्रांस के इस कदम से वह उन देशों में शामिल हो जाएगा जहाँ सीमित शर्तों पर सहायक‑मृत्यु या एथेनाज़िया वैध है, जैसे नीदरलैंड, बेल्जियम, स्पेन, कॅनडा आदि। स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया में सहायक‑सुसाइड पहले से ही वैध है, जबकि संयुक्त राज्य के कुछ राज्यों में भी समान प्रावधान मौजूद हैं। विश्व स्तर पर अनुमानित 300 मिलियन लोग इस प्रकार के विकल्पों से लाभान्वित हो सकते हैं।

समग्र रूप से, यह विधेयक फ्रांस में जीवन‑अंत अधिकारों के पुनःपरिभाषा को दर्शाता है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में नैतिक, चिकित्सकीय और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।