हाउस ऑफ कॉमन्स में टर्मिनल इल्लनेस (एंड ऑफ लाइफ) बिल पर तीव्र बहस चल रही है, जिसमें छह महीने से कम जीवन प्रत्याशा वाले रोगियों को सहायक आत्महत्या की अनुमति देने की पेशकश है। संसद में निर्णायक वोट से पहले दोनों पक्षों की आवाज़ें तेज़ी से सुनाई दे रही हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • बिल में छह महीने से कम जीवन प्रत्याशा वाले वयस्कों को स्वयं औषधि देने की अनुमति होगी।
  • दो डॉक्टरों और विशेषज्ञ पैनल की स्वीकृति अनिवार्य होगी, साथ ही विज्ञापन प्रतिबंध भी शामिल है।
  • जनमत सर्वेक्षण में 73% समर्थन दर्शाते हैं, लेकिन नैतिक और सुरक्षा चिंताएँ अभी भी प्रमुख हैं।

ब्रिटिश संसद ने इस साल के सबसे भावनात्मक विधायी मुद्दों में से एक को उठाया है: टर्मिनल इल्लनेस (एंड ऑफ लाइफ) बिल, जो इंग्लैंड और वेल्स में सहायक आत्महत्या को वैध बनाने की दिशा में कदम रखता है। लेबर पार्टी की सांसद किम लीडबीटर ने इस बिल को पेश किया, यह दावा करते हुए कि यह टर्मिनल रोगियों को “करुणामय और सुरक्षित विकल्प” प्रदान करेगा।

विधेयक की प्रमुख शर्तें

बिल के अनुसार, केवल वही वयस्क जो असमर्थनीय रोग से ग्रस्त हों और उनका जीवन प्रत्याशा छह महीने से कम हो, वे स्वयं समाप्त करने वाली दवा का सेवन कर सकेंगे। इसके लिए दो चिकित्सकों की पुष्टि और एक विशेषज्ञ पैनल की मंजूरी अनिवार्य होगी। विज्ञापन पर प्रतिबंध और स्वास्थ्य कर्मियों को इस प्रक्रिया से बाहर रखने की व्यवस्था भी इस विधेयक में शामिल है।

विरोध एवं चिंताएँ

विरोधी समूह और कई डॉक्टरों ने संभावित “स्लिपरी स्लोप” की चेतावनी दी है, यह कहते हुए कि यह संवेदनशील समूहों—जैसे डिमेंशिया या खाने‑पीने से इनकार करने वाले रोगियों—को जोखिम में डाल सकता है। संसद स्क्वायर में प्रदर्शनकारियों ने “डॉक्टर को हत्यारा न बनाओ” और “हमें चुनने का अधिकार दें” जैसे नारे लगाए।

जनमत और भविष्य की संभावनाएँ

यूट्यूब द्वारा किए गए 2,003 वयस्कों के सर्वेक्षण में 73% ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया, जो सार्वजनिक समर्थन को दर्शाता है। यदि यह विधेयक लर्ड्स हाउस और रॉयल असंत से गुजरता है, तो अगले चार वर्षों में सहायक मृत्यु की सेवा शुरू हो सकती है, जिसमें पहले वर्ष में 160‑640 मामलों की संभावना है। इस बीच, स्कॉटिश संसद में एक अलग विधेयक चल रहा है, जबकि आयरलैंड में मौजूदा कानून अभी भी 14 साल की कड़ी सजा देता है।

राजनीतिक परिदृश्य

प्रधानमंत्री कीर स्टारमर संभवतः बिल के पक्ष में मतदान करेंगे, पर उनके कई वरिष्ठ मंत्रियों—स्वास्थ्य और न्याय सचिव—ने खुले तौर पर विरोध जताया है। इस बहस का परिणाम यूके में भविष्य के स्वास्थ्य‑नीति और नैतिक मानदंडों को आकार देगा।