वित्त मंत्रालय ने लिथियम‑आयन सेल निर्माण और डिस्प्ले असेंबली के 85 प्रमुख आयात वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी माफ़ कर दी है। यह कदम इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और मोबाइल फोन उद्योग में स्थानीय उत्पादन को तेज़ करेगा।
नई दिल्ली (रवि दत्ता मिश्रा) – वित्त मंत्रालय ने 2029 मार्च तक लिथियम‑आयन सेल निर्माण तथा डिस्प्ले असेंबली, इनडक्टर‑कोइल मॉड्यूल जैसी प्रमुख वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी को पूर्णतः माफ़ कर दिया है। कुल 85 पूँजी वस्तुओं को इस राहत में शामिल किया गया है, जिनमें बैकलाइट यूनिट, फ्रेम, एनीसोट्रोपिक कंडक्टिव फिल्म, कैथोड‑एंड‑एनोड एक्सट्रूज़न कोटिंग मशीन, पाउडर ड्रायर और स्लरी ट्रांसफर सिस्टम शामिल हैं।
उद्योग‑विशिष्ट लक्ष्य
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह ड्यूटी छूट विशेष रूप से ऑटो‑मोबाइल, मेडिकल और औद्योगिक क्षेत्रों में उपयोग होने वाले डिस्प्ले असेंबली के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए है। साथ ही, मोबाइल फोन में वायरलेस चार्जिंग के लिए इनडक्टर‑कोइल मॉड्यूल की आयात लागत घटाकर भारत के मोबाइल निर्माताओं को अधिक मूल्य‑वृद्धि करने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
बैटरियों के लिए व्यापक राहत
पहले, लिथियम‑आयन सेल के लिये केवल कुछ विशिष्ट बैटरी अनुप्रयोगों (जैसे मोबाइल, ई‑वी और ऊर्जा भंडारण) पर ही छूट दी जाती थी। नई सूचना ने उन प्रतिबंधों को हटाकर सभी प्रकार की बैटरियों के निर्माण को समर्थन दिया है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों की राय
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर और टैक्स कंट्रोवर्सी मैनेजमेंट लीडर मनोज मिश्रा ने कहा, “आयात लागत में कमी से भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा और उच्च‑मूल्य निर्माण को स्थानीयकृत करने की गति तेज़ होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि डिस्प्ले असेंबली और वायरलेस चार्जिंग मॉड्यूल दोनों ही क्षेत्रों में यह कदम रणनीतिक महत्व रखता है।
वित्तीय प्रवाह और भविष्य की चुनौतियाँ
एकेडमी ऑफ़ बिजनेस स्टडीज़ के वरिष्ठ शोधकर्ता के.एस. चालयपति राव ने बताया कि FY26 में इलेक्ट्रॉनिक्स में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) $1.15 बिलियन तक घट गया, जबकि FY25 में $2.04 बिलियन था। यह गिरावट संभवतः PLI योजना के शुरुआती निवेश चक्र के समाप्त होने की ओर संकेत करती है, परन्तु ड्यूटी राहत जैसी नीतियों से दीर्घकालिक प्रवाह को पुनः सक्रिय किया जा सकता है।
नीति का व्यापक प्रभाव
लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि 2014‑15 में केवल दो मोबाइल निर्माण इकाइयाँ थीं, जबकि 2024‑25 में यह संख्या 300 तक पहुँच गई है। उत्पादन में 28 गुना वृद्धि और निर्यात में 127 गुना बढ़ोतरी ने स्पष्ट किया है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है। यह नई ड्यूटी छूट नीति इस प्रवृत्ति को और तेज़ करने की उम्मीद रखती है।