हाल्दीराम्स ने लंदन के लिस्टर स्क्वायर में अपना पहला यूके स्टोर खोला, जहाँ चोले भटूरे, भुजिया और पारंपरिक मिठाइयों के लिए लंबी कतारें बन गईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस भारतीय ब्रांड की बड़ी सफलता को उजागर किया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- हाल्दीराम्स ने लंदन में पहला खुदरा स्टोर खोला
- चोले भटूरे, भुजिया और मिठाइयों के लिए लंबी कतारें बन गईं
- ब्रांड की अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति को नया impulso मिला
जुलाई 2026 में लंदन के प्रमुख पर्यटन स्थल लिस्टर स्क्वायर में खुला हल्दीराम्स का पहला यूके रिटेल आउटलेट, भारतीय व्यंजनों के प्रेमियों के बीच तुरंत ही हिट साबित हुआ। ग्राहकों ने चोले भटूरे, कुरकुरी भुजिया और विभिन्न मिठाइयों के लिए लंबी कतारें बनाते हुए इस नई दुकान का स्वागत किया, और इस दृश्य को कई लोग इंस्टाग्राम व टिकटोक पर शेयर कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल प्रतिक्रिया
एक इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता ने वीडियो के साथ लिखा, “POV: लंदन में हल्दीराम्स का पहला आउटलेट, हर भारतीय की वीकेंड योजना यही है।” इस पोस्ट ने तुरंत लाखों व्यूज़ हासिल किए, और ब्रांड ने खुद “Delhi called. Leicester Square answered.” के साथ जवाब दिया, जिससे ऑनलाइन चर्चा और तेज हो गई। #CholeBhatureMadness और #MustGoThere जैसे हैशटैग ट्रेंड हुए, जबकि कई ने “Khatta Meetha” को आज़माने की सलाह दी।
आलोचनात्मक टिप्पणियाँ और मिश्रित राय
सभी प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं थी। कुछ उपयोगकर्ताओं ने व्यंग्य में कहा कि “भारत में अब कोई भी उनके तेल में लिपटे भटूरे नहीं खाता, इसलिए लंदन भेजे गए।” अन्य ने कहा कि “यह दिखाता है कि लंदन में भीड़भाड़ की जगहें कितनी ख़ाली हैं।” फिर भी, यह बहस इस बात का संकेत है कि भारतीय उपभोक्ता अब वैश्विक मंच पर अपने पसंदीदा स्वादों की तलाश में हैं।
हाल्दीराम्स की अंतरराष्ट्रीय यात्रा
हाल्दीराम्स की कहानी 1937 में बीकानेर के छोटे मिठाई दुकान से शुरू हुई, जब गंगा भीषण अग्रवाल ने ब्रांड की नींव रखी। आज यह भारत के सबसे बड़े स्नैक और मिठाई ब्रांडों में से एक है, जिसके रेस्तरां और निर्यात नेटवर्क 30 से अधिक देशों में फैले हुए हैं। यूके में 2016 में स्थापित पहला निर्माण प्लांट पहले से ही सुपरमार्केट शेल्फ़ पर मौजूद था, लेकिन लिस्टर स्क्वायर में खुदरा स्टोर का उद्घाटन ब्रांड के लिए एक नया मील का पत्थर है।
भविष्य के संकेत
लंदन में इस लॉन्च की सफलता यह संकेत देती है कि हल्दीराम्स का अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति सही दिशा में है। यदि इस प्रकार की भीड़भाड़ और सोशल बज़ को जारी रखा गया, तो ब्रांड को यूरोप के अन्य प्रमुख शहरों में भी समान स्टोर खोलने का अवसर मिल सकता है, जिससे भारतीय स्वादों की वैश्विक पहुँच और भी गहरी होगी।