कर्नाटक सरकार ने यूके‑भारत FTA के प्रभावी होने पर निर्यात कंसाइनमेंट्स का ध्वज फहराया। यह समझौता बायोटेक, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, आईटी और कृषि उत्पादों को टैरिफ़ मुक्त बाजार प्रदान करेगा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- यूके‑भारत FTA के तहत 99% भारतीय वस्तुओं को यूके में ड्यूटी‑मुक्त प्रवेश मिलेगा।
- कर्नाटक के बायोटेक, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, आईटी और कृषि सेक्टरों को विशेष लाभ मिलेगा।
- बेंगलुरु में कई ब्रिटिश कंपनियों के Global Capability Centres स्थापित होने की उम्मीद है।
बेंगलुरु – 16 जुलाई, 2026 को कर्नाटक सरकार ने यूके‑भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के प्रभावी होने की घोषणा के साथ बड़े एवं मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने कई निर्यात कंसाइनमेंट्स का ध्वज फहराया। यह कदम राज्य की आर्थिक रणनीति में एक मील का पत्थर माना गया, क्योंकि अब कर्नाटक के प्रमुख उद्योगों को यूके बाजार में प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा।
FTA के प्रमुख लाभ
समझौते के तहत 99% भारतीय वस्तुओं को यूके में ड्यूटी‑मुक्त प्रवेश मिलेगा, जिससे निर्यात लागत में भारी कमी आएगी। पाटिल ने बताया कि बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान और मशीनरी जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से लाभ होगा। इसके अलावा, चिक्मगालुरु और कोडागु के प्रीमियम कॉफ़ी तथा राज्य की मसाला उद्योग भी इस समझौते से सीधे लाभान्वित होंगे।
कृषि एवं खाद्य उत्पादों पर प्रभाव
कर्नाटक के तेल बीज, काली मिर्च, इलायची, बायडागी और देवनूर मिर्च, बाजरा, फूल, फल, सब्जियां, मछली, नारियल, आम, नींबू, चमेली, गेंदा और प्रीमियम कॉफ़ी अब यूके में आयात शुल्क के बिना बेचे जा सकेंगे। हसन, बीडर और बेंगलुरु शहरी जिलों में निर्मित प्रसंस्कृत कृषि व खाद्य उत्पादों को भी वही सुविधा मिलेगी, जिससे राज्य के निर्यात पोर्टफोलियो में विविधता आएगी।
उच्च तकनीकी और सेवा क्षेत्रों में अवसर
समझौते के Mode 1 सेवाओं के प्रावधानों के अनुसार बेंगलुरु के आईटी सेक्टर को विशेष लाभ मिलेगा। कई ब्रिटिश कंपनियों ने अपने Global Capability Centres (GCCs) को बेंगलुरु और मैसूर में स्थापित करने की योजना जताई है। बेलगावे को एयरोस्पेस सेक्टर में उल्लेखनीय अवसर मिलने की उम्मीद है, जबकि कर्नाटक के एयरोस्पेस और रक्षा, उन्नत निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्वच्छ ऊर्जा, अर्धचालक, डीप‑टेक और GCCs में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।
आगे की पहल और निवेश रणनीति
राज्य सरकार यूके में निवेश रोडशो आयोजित कर ब्रिटिश निवेशकों को आकर्षित करने की योजना बना रही है। साथ ही, कर्नाटक के कॉफ़ी किसानों, वस्त्र निर्माताओं और MSME निर्यातकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे उन्हें नई बाजार संभावनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके। इस व्यापक दृष्टिकोण से कर्नाटक को न केवल आर्थिक रूप से बल्कि वैश्विक व्यापार मंच पर भी एक प्रमुख खिलाड़ी बनाने की आशा है।