बिजनेस टाइप के अभिनेता-उद्यमी राज कुंड्रा ने पोर्नोग्राफी केस में अपना दृढ़ रुख दोहराया, 63 दिनों की जेल के बाद भी उन्होंने कहा कि यदि दोषी पाए गए तो जीवन त्यागेंगे, जबकि निरपराध सिद्ध होने पर क्लीन चिट की मांग करेंगे।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • राज कुंड्रा ने 63 दिनों की जेल के बाद भी केस में दृढ़ता दिखाई
  • अपनी सभी कंपनियों को बंद करके वह न्याय की मांग कर रहे हैं
  • यदि दोषी ठहराए गए तो जीवन त्यागने की घोषणा की

राज कुंड्रा, जो एक सफल व्यवसायी और शिल्पा शेट्टी के पति भी हैं, अपने पाँच‑साल पुराने पोर्नोग्राफी केस में फिर से अपना स्पष्ट रुख रख रहे हैं। 2021 में मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पोर्नोग्राफी सामग्री वितरित करने का आरोप लगने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और आर्थर रोड जेल में 63 दिन बिताने पड़े। अब वह दावा कर रहे हैं कि यदि दोषी पाए गए तो अपना जीवन त्याग देंगे, जबकि निरपराध साबित होने पर “क्लीन चिट” की माँग कर रहे हैं।

पिछला इतिहास और व्यवसायिक प्रभाव

जिला जेल में बिताए हुए दिनों के बाद कुंड्रा ने बताया कि इस कानूनी जाँच ने उनके कई व्यावसायिक उद्यमों को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स, मिश्रित मार्शल आर्ट्स, एक होम‑शॉपिंग सेंटर और अपने बेटे के नाम पर स्थापित वीआन इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों को बंद कर दिया। इन संस्थाओं में लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलता था, जो अब अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

कुंड्रा का दृढ़ बयान

“मैं लगातार कह रहा हूँ कि अगर मैंने कुछ गलत किया है तो मुझे दंडित किया जाए। अगर मैं निर्दोष हूँ तो मुझे क्लीन चिट दी जाए, क्योंकि मैं जानता हूँ कि मैंने कुछ नहीं किया।” कुंड्रा ने कहा, “मैं इस मामले को पाँच साल से लड़ रहा हूँ और आज भी मैं तैयार हूँ कि यदि दोषी पाया गया तो अपना जीवन त्यागूँ।” यह बयान न केवल व्यक्तिगत दृढ़ता को दर्शाता है, बल्कि भारतीय न्याय प्रणाली में लंबी प्रक्रियाओं के प्रति निराशा को भी उजागर करता है।

जेल का मनोवैज्ञानिक असर

कुंड्रा ने बताया कि आर्थर रोड जेल में बिताए 63 दिन उनके जीवन की सबसे काली घड़ी थे। “मैं नहीं जानता था कि अगला दिन देख पाऊँगा या नहीं,” उन्होंने कहा। फिर भी उन्होंने स्वीकार किया कि इस कठोर अनुभव ने उन्हें एक नया दृष्टिकोण दिया, जिससे वह आज वह व्यक्ति बन पाए हैं जो वह हैं।

विवादित मामले के बावजूद, राज कुंड्रा ने अपने सामाजिक कार्यों को नहीं छोड़ा। उन्होंने कई महिला एयरपोर्ट कर्मचारियों की मदद की और सम्मानजनक व्यवहार के लिए सराहना पाई। यह पहल उनकी जटिल छवि को और घना बनाती है, जहाँ व्यवसाय, मनोरंजन और सामाजिक जिम्मेदारी एक साथ मिलती हैं।