भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ खुले। आईटी शेयरों में शानदार खरीदारी और अमेरिका में कमतर मुद्रास्फीति के आंकड़ों से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में नरमी की उम्मीदों ने बाजार को सहारा दिया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 185.77 अंक बढ़कर 77,400.40 पर और एनएसई निफ्टी 42.15 अंक बढ़कर 24,132.60 पर पहुंच गया।
  • एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस जैसे आईटी शेयरों ने बाजार की बढ़त का नेतृत्व किया।
  • अमेरिका में कमतर थोक मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने फेड द्वारा ब्याज दरों में नरमी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को शुरुआती कारोबारी सत्र में सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की। प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 185.77 अंक की बढ़त के साथ 77,400.40 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) 42.15 अंक चढ़कर 24,132.60 पर कारोबार करता दिखा। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के शेयरों में आई मजबूत लिवाली और अनुकूल वैश्विक संकेतों के कारण देखी गई।

दिग्गज शेयरों का प्रदर्शन

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी और बजाज फाइनेंस शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक लाभ में रहे। दूसरी ओर, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84.69 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे घरेलू बाजार को थोड़ी राहत मिली।

वैश्विक संकेतों का असर

वैश्विक बाजार की बात करें तो बुधवार को अमेरिकी बाजारों में तेजी दर्ज की गई थी। एसएंडपी 500 में 0.38 प्रतिशत और नैड्सैक में 0.62 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। अमेरिका में उम्मीद से कम थोक मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) आगामी मौद्रिक नीति समीक्षाओं में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने से बच सकता है। इसी सकारात्मक रुख का असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।

बाजार विश्लेषकों का नजरिया

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय बाजार एक सीमित दायरे में लेकिन सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर सकता है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के कॉर्पोरेट नतीजों की घोषणा के साथ ही बाजार में शेयर-विशिष्ट गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली का सिलसिला जारी है। एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को FII ने ₹735.83 करोड़ मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की, जिसने बाजार की बढ़त को थोड़ा सीमित किया।

रुपये और एशियाई बाजारों की स्थिति

मुद्रा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 6 पैसे कमजोर होकर 96.31 के स्तर पर आ गया। अन्य एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 6.31 प्रतिशत तक टूट गया और जापान का निक्केई भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।