बिहार की पूर्व शिक्षिका वीणा देवी और उनके बेटे समीर ने घर की रसोई से शुरू कर 15 करोड़ रुपये की सालाना आय वाला स्नैक्स ब्रांड ‘मॉम्समेड’ बनाया। अब यह ब्रांड रोज़ 1,000 से अधिक ऑर्डर पूरै करता है और 50 महिलाओं को रोजगार दे रहा है।
मुख्य बिंदु
- बिहार की शिक्षिका वीणा देवी ने घर से स्नैक्स का व्यवसाय शुरू किया।
- मॉम्समेड ने वार्षिक 15 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया।
- ब्रांड ने 50 महिलाओं को रोजगार दिया और रोज़ 1,000 से अधिक ऑर्डर पूरे करते हैं।
पृष्ठभूमि
वीणा देवी ने 15 साल तक बिहार में शिक्षिका के रूप में सेवा की, फिर अपने बेटे समीर के साथ बेंगलुरु स्थानांतरित हुईं। नई शहर में बेकार समय से बचने के लिए उन्होंने अपने आवासीय सोसाइटी में अन्य महिलाओं की होम किचन देखी और अपना व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया।
‘अपना किचन’ नामक ब्रांड के तहत उन्होंने नमकीन थेकुआ, मीठी थेकुआ और दालभूते जैसे पारम्परिक स्नैक बनाए। समीर ने गुड़‑थेकेउआ (छठ पूजा की परम्परा) पेश करने का सुझाव दिया, जिससे तुरंत ही सोसाइटी में मांग बढ़ी।
बढ़ती मांग और मानकीकरण
प्रारम्भ में 10‑50 ऑर्डर प्रतिदिन थे, लेकिन आज मॉम्समेड रोज़ 1,000 से अधिक ऑर्डर पूरा करता है। बड़े पैमाने पर उत्पादन के साथ स्वाद और बनावट में निरंतरता बनाए रखना वीणा के लिए मुख्य चुनौती बन गया। उन्होंने पारम्परिक पारिवारिक रेसिपी को SOP (Standard Operating Procedure) में बदल दिया, जिससे हर बैच समान गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that grassroots food ventures like MomsMade illustrate the untapped potential of regional delicacies in the national market. By leveraging a family recipe and modern scaling techniques, the duo has created a clean‑label brand that resonates with health‑conscious urban consumers.
"स्थानीय स्वाद को स्केलेबल मॉडल में बदलना भारत के फूड स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम के लिए एक गेम‑चेंजर है," कहा खाद्य उद्योग विशेषज्ञ रजत सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मॉम्समेड कितनी महिलाओं को रोजगार देता है?
उत्तर: वर्तमान में लगभग 50 महिलाएं उत्पादन और पैकेजिंग में काम कर रही हैं।
प्रश्न 2: क्या ब्रांड केवल थेकुआ ही बेचता है?
उत्तर: नहीं, यह निम्मकी, चना दाल जैसे अन्य पारम्परिक स्नैक्स भी प्रदान करता है।