आगामी 2025-2026 विपणन सीजन में कपास के उत्पादन में 7 लाख गांठों की कमी आने का अनुमान है, जिससे टेक्सटाइल मिलों के सामने संकट खड़ा हो सकता है। मांग बढ़ने के बावजूद घरेलू स्टॉक तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है।

मुख्य बिंदु

  • कपास उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 7 लाख गांठों की कमी का अनुमान।
  • कपड़ा मिलों की मांग बढ़ने के बावजूद घरेलू स्टॉक में भारी गिरावट।
  • आयात में 15 लाख गांठों की वृद्धि देखी गई है।
  • अगले सीजन के लिए स्टॉक पिछले तीन वर्षों में सबसे कम रहने की संभावना।

मुंबई में आयोजित 'कपास उत्पादन और उपभोग समिति' की हालिया बैठक के अनुसार, 2025-2026 के विपणन सीजन के दौरान कपास का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रहने वाला है। अनुमान है कि इस सीजन में कुल उत्पादन 290.24 लाख गांठें (प्रत्येक 170 किग्रा) होगा, जबकि पिछले सीजन (2024-2025) में यह 297.24 लाख गांठें था।

बढ़ती मांग और घटता स्टॉक

देश की प्रमुख टेक्सटाइल मिलों और MSME इकाइयों की कपास की खपत बढ़ने का अनुमान है। जहाँ पिछले सीजन में खपत लगभग 306 लाख गांठें थी, वहीं इस बार इसके 320 लाख गांठों तक पहुँचने की संभावना है। उत्पादन में कमी और बढ़ती मांग के बीच का यह अंतर उद्योग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

"अगले कपास सीजन की शुरुआत अक्टूबर में होगी, लेकिन स्टॉक लगभग 42 लाख गांठों के साथ पिछले तीन वर्षों के सबसे निचले स्तर पर होगा।" - दुराई पलानीसामी, अध्यक्ष, साउदर्न इंडिया मिल्स एसोसिएशन

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कपास उत्पादन में यह गिरावट न केवल कच्चे माल की कीमतों को प्रभावित करेगी, बल्कि भारत के वैश्विक टेक्सटाइल निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी चुनौती दे सकती है। यदि आयात पर निर्भरता बढ़ती है, तो इसका सीधा असर टेक्सटाइल सेक्टर के लाभ मार्जिन पर पड़ेगा।

तुलनात्मक डेटा: उत्पादन बनाम खपत

विवरण2024-2025 सीजन2025-2026 सीजन (अनुमानित)
कुल उत्पादन (लाख गांठें)297.24290.24
कुल खपत (लाख गांठें)306.00320.00
आयात स्थितिकम15 लाख गांठों की वृद्धि

कपास एसोसिएशन ऑफ इंडिया का मानना है कि आयात सहित कुल उपलब्ध कपास 337 लाख गांठें होगी। हालांकि उपज (yield) में सुधार देखा गया है, लेकिन कृषि क्षेत्र में कपास के तहत खेती योग्य क्षेत्र में कमी आने की आशंका है।

क्या आप जानते हैं?: कपास की खेती की सफलता काफी हद तक मानसून की बारिश पर निर्भर करती है, जो उत्पादन के आंकड़ों को पूरी तरह बदल सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. कपास उत्पादन में कमी का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारणों में कपास के तहत खेती के क्षेत्र में कमी और मांग की तुलना में उत्पादन का असंतुलन शामिल है।

2. क्या इससे कपड़ों की कीमतों पर असर पड़ेगा?
हाँ, कच्चे माल की कमी और बढ़ती मांग से टेक्सटाइल उत्पादन लागत बढ़ सकती है, जिससे अंततः उपभोक्ताओं पर असर पड़ सकता है।