दक्षिण कन्नड़ के तीन प्रतिभाशाली उद्यमियों को नीति आयोग के 'ग्रासरूट इनोवेटर रिकग्निशन 2026' से सम्मानित किया गया है। सांसद कैप्टन ब्रिजेश चौटा ने दिल्ली में इन विजेताओं का स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना की।

मुख्य बातें

  • तीन नवाचारों को नीति आयोग के 'ग्रासरूट इनोवेटर रिकग्निशन 2026' के लिए चुना गया।
  • विजेताओं में अक्षय माशेलकर, अनुषा प्रज्वल और रत्नाकर नायक शामिल हैं।
  • इन स्टार्टअप्स को निट्टे इंक्यूबेशन सेंटर (AIC) द्वारा सहायता प्रदान की गई।
  • यह सम्मान 'अटल इनोवेशन मिशन' के तहत दिया गया है।

मंगलुरु के तटीय क्षेत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण में, दक्षिण कन्नड़ के सांसद कैप्टन ब्रिजेश चौटा ने अपने दिल्ली आवास पर तीन प्रमुख नवाचारों (innovators) की मेजबानी की। इन उद्यमियों को हाल ही में राष्ट्रपति द्वारा नीति आयोग के 'ग्रासरूट इनोवेटर रिकग्निशन 2026' के लिए सम्मानित किया गया है।

सम्मानित होने वालों में एक्सपेरिमाइंड लैब्स प्राइवेट लिमिटेड के अक्षय माशेलकर, मावेदास फूड्स एंड सेरेल्स प्राइवेट लिमिटेड की अनुषा प्रज्वल और WWR इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड के रत्नाकर नायक शामिल हैं। इन सभी स्टार्टअप्स को निट्टे के अटल इंक्यूबेशन सेंटर (AIC) द्वारा विकसित और प्रोत्साहित किया गया है। यह उपलब्धि देशभर के केवल 26 नवाचारों में से एक है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जमीनी स्तर के नवाचार केवल तकनीकी प्रगति नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आधार हैं। जब स्थानीय प्रतिभाएं वैश्विक मानकों के साथ प्रतिस्पर्धा करती हैं, तो यह 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम होता है।

स्थानीय अनुसंधान और आत्मनिर्भरता ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने की नींव है।

सांसद चौटा ने इन विजेताओं को दक्षिण कन्नड़ का 'बोलपु' (प्रकाश या भोर) बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में स्थानीय नवाचार देश को आर्थिक रूप से मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने तटीय क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का वादा भी किया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

नीति आयोग का अटल इनोवेशन मिशन (AIM) भारत में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह मिशन स्कूल स्तर से लेकर स्टार्टअप स्तर तक नवाचार को प्रोत्साहित करता है ताकि भारत एक वैश्विक नवाचार केंद्र बन सके।

क्या आप जानते हैं?: 'बोलपु' शब्द का स्थानीय कन्नड़ संदर्भ में अर्थ 'नई शुरुआत' या 'प्रकाश की किरण' होता है, जो इन उद्यमियों की सफलता को दर्शाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ग्रासरूट इनोवेटर रिकग्निशन क्या है?
यह नीति आयोग द्वारा उन लोगों को दिया जाने वाला सम्मान है जो जमीनी स्तर पर वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के लिए नवीन तकनीक विकसित करते हैं।

2. इन नवाचारों को कहाँ से सहायता मिली?
इन स्टार्टअप्स को निट्टे इंक्यूबेशन सेंटर (AIC-Nitte) के माध्यम से तकनीकी और व्यावसायिक सहायता प्राप्त हुई।