HDFC पेंशन के सीईओ श्रीराम अय्यर ने बताया कि कैसे जोमैटो और अर्बन कंपनी के डिलीवरी पार्टनर्स अब नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के माध्यम से भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं। ई-श्रम ढांचे का उपयोग कर लाखों नए पेंशन खाते खोले गए हैं।
मुख्य बातें
- जोमैटो और अर्बन कंपनी के गिग वर्कर्स NPS में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
- ई-श्रम (e-Shram) डेटा का उपयोग करके एक साथ 1.5 लाख PRAN खाते बनाए गए।
- कुछ वर्कर्स प्रति सप्ताह ₹5,000 तक का योगदान कर रहे हैं।
- HDFC पेंशन ने ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को केवल 3 मिनट का बना दिया है।
भारत की गिग इकोनॉमी में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। HDFC पेंशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, श्रीराम अय्यर के अनुसार, जोमैटो और अर्बन कंपनी जैसे प्लेटफार्मों से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स अब अपने भविष्य के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को अपना रहे हैं। यह कदम उन श्रमिकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है जिनके पास पारंपरिक कॉर्पोरेट पेंशन लाभ नहीं होते हैं।
ई-श्रम और तकनीक का सफल मेल
गिग वर्कर्स के लिए पेंशन नामांकन की सबसे बड़ी चुनौती उनकी अनिश्चित आय और नियोक्ता-कर्मचारी संबंध का अभाव थी। अय्यर ने बताया कि कंपनी ने PFRDA के साथ मिलकर एक सरल प्रक्रिया विकसित की। e-Shram प्लेटफॉर्म के मौजूदा KYC डेटा का लाभ उठाते हुए, HDFC पेंशन एक ही बार में 1.5 लाख से अधिक PRAN (Permanent Retirement Account Number) बनाने में सफल रही।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि गिग वर्कर्स का वित्तीय समावेशन भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पारंपरिक रूप से, इस वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से वंचित माना जाता था, लेकिन अब वे सक्रिय रूप से बचत कर रहे हैं।
गिग वर्कर्स अब केवल दैनिक मजदूरी पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे अपने भविष्य के लिए अनुशासित बचत की ओर बढ़ रहे हैं।
एक चौंकाने वाला तथ्य यह है कि कुछ अत्यधिक समर्पित वर्कर्स प्रति सप्ताह ₹5,000 तक का योगदान कर रहे हैं। एक मामले में, एक वर्कर ने प्रति माह ₹20,000 जमा करने की इच्छा जताई, जो दर्शाता है कि वित्तीय साक्षरता और सही प्लेटफॉर्म का प्रभाव कितना गहरा हो सकता है।
तकनीकी प्रगति: NPS Pro
HDFC पेंशन ने NPS Pro नामक एक नया प्लेटफॉर्म पेश किया है, जिसने खाता खोलने की प्रक्रिया को मात्र 3 मिनट में समेट दिया है। यह तकनीक न केवल ऑनबोर्डिंग को आसान बनाती है, बल्कि मंथली कॉन्ट्रिब्यूशन और अकाउंट माइग्रेशन जैसे कार्यों को भी स्वचालित करती है।
Frequently Asked Questions
1. गिग वर्कर्स के लिए NPS क्यों फायदेमंद है?
यह उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है, जो पारंपरिक नौकरी वाले कर्मचारियों के पास होता है।
2. क्या यह प्रक्रिया कठिन है?
नहीं, e-Shram और NPS Pro की मदद से यह प्रक्रिया अब केवल 3 मिनट की सरल डिजिटल प्रक्रिया है।