न्यूयॉर्क सिटी ने $1 मिलियन से ऊपर की संपत्तियों पर नया कर लागू किया है। इस कर से बचने के लिए कई मकान मालिक अब जटिल कर‑छूट योजनाओं का सहारा ले रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- न्यूयॉर्क में $1 मिलियन से अधिक की संपत्तियों पर अतिरिक्त कर लगाया गया।
- मकान मालिक जटिल संरचनाओं के माध्यम से कर में छूट पाने की कोशिश कर रहे हैं।
- यह कदम शहर की राजस्व में 30 % तक की वृद्धि कर सकता है।
न्यूयॉर्क सिटी ने हाल ही में "लॉक्स्ट प्रॉपर्टी टैक्स" (LPT) नामक नया कर लागू किया, जो $1 मिलियन से अधिक मूल्य वाली आवासीय संपत्तियों पर वार्षिक 1.5 % की दर से लगता है। यह कर शहर के बजट घाटे को कम करने के उद्देश्य से पेश किया गया है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस कर का सीधा असर शहर के उच्च श्रेणी के रियल एस्टेट बाजार पर पड़ेगा। कई धनी मकान मालिक अब कॉर्पोरेट संरचनाओं, ट्रस्ट और विदेशी इकाइयों के माध्यम से अपनी संपत्तियों को पुनः वर्गीकृत कर कर‑बाद में बचत करने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसी रणनीतियों में सबसे आम है संपत्ति को कई छोटे‑छोटे इकाइयों में बाँटना, जिससे प्रत्येक इकाई की कीमत कर सीमा से नीचे रह जाती है। दूसरा तरीका है अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट का उपयोग, जिससे आय को विदेशी टैक्स नियमों के तहत छुपाया जा सकता है। तीसरा उपाय है किरायेदारी अनुबंध को व्यवसायिक उपयोग में बदलना, जिससे अलग कर दर लागू होती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
न्यूयॉर्क ने 1970‑80 के दशक में वित्तीय संकट के दौरान कई बार संपत्ति कर दरें बढ़ाई थीं। 1990 के दशक में "आउट‑ऑफ़‑पॉकेट" कर छूट ने उच्च वर्गीय घरों को कम कर बोझ में रखा, लेकिन 2020 के बाद से राजस्व में गिरावट ने नई कर नीतियों को प्रेरित किया।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia का विश्लेषण दर्शाता है कि यह कर न केवल शहर की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करेगा, बल्कि रियल एस्टेट निवेश के पैटर्न को भी बदल देगा, जिससे किरायेदारी बाजार में कीमतों में वृद्धि की संभावना है।
"यदि मकान मालिक इन जटिल संरचनाओं को सही तरीके से नहीं संभालते, तो उन्हें भारी दंड और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है," कहते हैं टैक्स कानून विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. इस कर का लागू होने की तिथि क्या है?
उत्तर: 1 जनवरी 2025 से यह कर लागू होगा।
प्र. क्या किरायेदार भी इस कर का बोझ उठाएंगे?
उत्तर: कुछ मामलों में, मकान मालिक किराए में वृद्धि करके अतिरिक्त लागत को किरायेदारों पर स्थानांतरित कर सकते हैं।