कोयंबटूर में संपत्ति पंजीकरण में अचानक तेजी आई है, विशेष रूप से प्रीमियम सेगमेंट में। डेवलपर्स ने बताया कि तैयार घरों का स्टॉक कम हो रहा है और मांग तेजी से बढ़ रही है।

मुख्य बिंदु

  • कोयंबटूर में पिछले एक महीने में संपत्ति पंजीकरण में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है।
  • प्रीमियम सेगमेंट (₹3 करोड़ - ₹3.5 करोड़) में मांग में भारी उछाल आया है।
  • तैयार संपत्तियों का स्टॉक घटकर मात्र 7% रह गया है।
  • निर्माण लागत में वृद्धि के कारण अब यह ₹2,000 प्रति वर्ग फुट से अधिक हो गई है।

कोयंबटूर के रियल एस्टेट क्षेत्र से एक सकारात्मक खबर सामने आ रही है। स्थानीय डेवलपर्स के अनुसार, शहर में संपत्ति की मांग में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। CREDAI कोयंबटूर के अध्यक्ष एस.आर. अरविंद कुमार ने पुष्टि की है कि इस वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों की सुस्ती के बाद, पिछले महीने से संपत्ति पंजीकरण की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो 'रेडी-टू-ऑक्यूपाई' (तैयार) संपत्तियों की उपलब्धता काफी कम हो गई है। वर्तमान में बिक्री के लिए उपलब्ध तैयार घरों का स्टॉक केवल 7% है, जबकि चल रहे प्रोजेक्ट्स में यह लगभग 15% है। इसके अलावा, बैंकों ने भी जुलाई महीने में होम लोन के वितरण में उच्च स्तर की मांग दर्ज की है, जो बाजार में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

बदलते बाजार का स्वरूप

दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर प्लॉटों की मांग में कुछ कमी आई है, वहीं दूसरी ओर लग्जरी सेगमेंट में भारी उछाल देखा जा रहा है। शहर में लगभग 2,200 वर्ग फुट के क्षेत्र वाले ₹3 करोड़ से ₹3.5 करोड़ के प्रीमियम सेगमेंट में अब एक नया बाजार विकसित हो रहा है।

कोयंबटूर का रियल एस्टेट बाजार अब केवल किफायती आवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कोयंबटूर अब एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों और सरकारी नियमों के कारण निर्माण लागत अब ₹2,000 प्रति वर्ग फुट के पार पहुंच गई है। यह स्थिति निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आपूर्ति कम और मांग अधिक होने से कीमतों में और वृद्धि होने की संभावना है।

क्या आप जानते हैं?: कोयंबटूर को अक्सर 'दक्षिण भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है, और इसका तेजी से बढ़ता शहरीकरण इसके रियल एस्टेट की कीमतों को सीधे प्रभावित कर रहा है।

Frequently Asked Questions

1. कोयंबटूर में किस तरह की संपत्तियों की मांग सबसे अधिक है?
वर्तमान में ₹3 करोड़ से ₹3.5 करोड़ के बीच के प्रीमियम सेगमेंट और तैयार घरों की मांग सबसे अधिक है।

2. निर्माण लागत बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
सरकारी नियमों, अदालती आदेशों और निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि के कारण लागत बढ़ी है।