भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में बदलाव न करने के फैसले के बाद, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे की बढ़त के साथ 95.15 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक संकेतों ने रुपये को मजबूती प्रदान की।
मुख्य बातें
- रुपया 13 पैसे बढ़कर 95.15 पर बंद हुआ।
- RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है।
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कमजोर डॉलर ने रुपये को सहारा दिया।
- अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी से भी मुद्रा को मजबूती मिली।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की हालिया घोषणा के बाद, बुधवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे की मजबूती के साथ 95.15 पर बंद हुआ। यह सुधार तब हुआ जब केंद्रीय बैंक ने पश्चिम एशिया संकट के बीच वित्त वर्ष 2027 में लगातार तीसरी बार प्रमुख नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक भावनाओं को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अमेरिकी मुद्रा की कमजोरी से समर्थन मिला। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई कमी ने भी रुपये के पक्ष में काम किया। सत्र के दौरान, रुपया 94.89 से 95.25 के दायरे में कारोबार करता रहा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, आरबीआई का 'न्यूट्रल' रुख और रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखना बाजार में स्थिरता लाने का एक रणनीतिक कदम है। भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच, रुपये की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यदि वैश्विक तनाव कम होता है, तो रुपये में और अधिक मजबूती देखी जा सकती है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया कि विदेशी पूंजी प्रवाह के बावजूद रुपये में अपेक्षित मजबूती के लिए भू-राजनीतिक स्थिरता अनिवार्य है।
मौद्रिक नीति समिति के छह सदस्यों ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला किया। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई का प्रयास रहेगा कि रुपये की चाल व्यवस्थित बनी रहे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारतीय रुपया पिछले कुछ समय से वैश्विक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण दबाव में रहा है। आरबीआई ने पूंजी प्रवाह को आकर्षित करने और मुद्रा को समर्थन देने के लिए पिछले नीतिगत बैठकों में घोषित उपायों पर भरोसा किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. आरबीआई ने रेपो रेट में क्या बदलाव किया है?
आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखा है।
2. रुपये को मजबूत करने वाले मुख्य कारक क्या थे?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, कमजोर डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी मुख्य कारक थे।