केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) ने अनुमान लगाया है कि 2026-27 में बिजली खरीद पर होने वाला खर्च ₹13,344.11 करोड़ तक पहुंच सकता है, जो पहले के अनुमान से काफी अधिक है।

मुख्य बातें

  • KSEB का बिजली खरीद बजट ₹1,596.28 करोड़ बढ़ सकता है।
  • 2026-27 के लिए कुल अनुमानित खर्च ₹13,344.11 करोड़ है।
  • राज्य को 1,187.66 मिलियन यूनिट की बिजली कमी का सामना करना पड़ सकता है।
  • कुल बिजली मांग 33,813.53 मिलियन यूनिट रहने का अनुमान है।

केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) ने एक महत्वपूर्ण संशोधित दावा पेश किया है, जिसमें संकेत दिया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिजली खरीद पर होने वाला खर्च मौजूदा अनुमानों से लगभग ₹1,596.28 करोड़ अधिक हो सकता है। बोर्ड द्वारा केरल राज्य विद्युत नियामक आयोग (KSERC) को सौंपी गई याचिका के अनुसार, अब इस खर्च का नया अनुमान ₹13,344.11 करोड़ लगाया गया है।

वित्तीय बोझ और मांग का संकट

इससे पहले, आयोग ने बहु-वर्षीय टैरिफ (MYT) याचिका को मंजूरी देते समय 2026-27 के लिए ₹11,747.83 करोड़ की बिजली खरीद के लिए अनंतिम मंजूरी दी थी। हालांकि, KSEB की नवीनतम रिपोर्ट बताती है कि राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं में वृद्धि और आपूर्ति में कमी के कारण यह आंकड़ा काफी ऊपर जा सकता है। बोर्ड ने उल्लेख किया है कि 2026-27 में राज्य को 1,187.66 मिलियन यूनिट (mu) के घाटे का सामना करना पड़ सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि केरल की ऊर्जा सुरक्षा एक नाजुक मोड़ पर है। राज्य अपनी कुल बिजली मांग का केवल 30% हिस्सा ही आंतरिक उत्पादन से पूरा कर पाता है। शेष 70% मांग को केंद्रीय उत्पादन केंद्रों (CGS), स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (IPP) और बिजली एक्सचेंजों से खरीदना पड़ता है। शाम के समय पीक डिमांड (Peak Demand) बढ़ने के कारण बिजली खरीद की लागत में लगातार वृद्धि हो रही है, जो अंततः उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ वृद्धि का कारण बन सकती है।

बढ़ती मांग और आंतरिक उत्पादन की सीमित क्षमता के बीच, बिजली खरीद पर बढ़ता खर्च राज्य के वित्तीय ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती है।

KSEB की इस याचिका पर अंतिम निर्णय लेने के लिए आयोग ने 18 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में सुनवाई निर्धारित की है। अनुमानित खर्च में ₹1,109.07 करोड़ का हिस्सा शॉर्ट-टर्म खरीद के लिए रखा गया है, जिसे केंद्रीय बिजली मंत्रालय के 'DEEP' ई-बिडिंग पोर्टल के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: केरल अपनी कुल बिजली जरूरतों का केवल एक तिहाई हिस्सा ही खुद पैदा करता है, बाकी के लिए उसे अन्य राज्यों और एक्सचेंजों पर निर्भर रहना पड़ता है।

Frequently Asked Questions

1. KSEB का नया अनुमान क्या है?
KSEB ने 2026-27 के लिए बिजली खरीद खर्च को संशोधित कर ₹13,344.11 करोड़ कर दिया है।

2. बिजली की कमी का मुख्य कारण क्या है?
राज्य में शाम के समय बिजली की मांग (Peak Demand) बहुत अधिक होती है, जबकि आंतरिक उत्पादन क्षमता सीमित है।