पुदुकोट्टई के करमबाकुडी तालुक में एक नए 5,000 लीटर क्षमता वाले मिल्क चिलिंग सेंटर की शुरुआत की गई है, जो डेयरी किसानों की आय और दूध की गुणवत्ता में सुधार करेगा।
मुख्य बातें
- 5,000 लीटर क्षमता वाला नया मिल्क चिलिंग सेंटर करमबाकुडी के कोट्टैकाडु में स्थापित।
- 28 सहकारी समितियों से प्रतिदिन लगभग 3,000 लीटर दूध एकत्र किया जाएगा।
- राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) के तहत ₹24 लाख की लागत से निर्माण।
- डेयरी किसानों की आय बढ़ाने और दूध की शेल्फ लाइफ सुधारने पर केंद्रित।
तमिलनाडु के पुदुकोट्टई जिले के करमबाकुडी तालुक में स्थित कोट्टैकाडु में एक अत्याधुनिक 5,000 लीटर क्षमता वाले बल्क मिल्क चिलिंग सेंटर का उद्घाटन किया गया है। श्रम कल्याण और कौशल विकास मंत्री सी. मोहम्मद फारवास ने इस महत्वपूर्ण परियोजना का लोकार्पण किया।
यह केंद्र राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) के तहत ₹24 लाख की लागत से बनाया गया है। इस सुविधा के माध्यम से आसपास की 28 दूध सहकारी समितियों से सुबह और शाम के सत्रों में दो अलग-अलग मार्गों के जरिए प्रतिदिन लगभग 3,000 लीटर दूध एकत्र किया जाएगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के बुनियादी ढांचे का विकास ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होता है। दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तत्काल चिलिंग (ठंडा करना) अनिवार्य है, जिससे दूध खराब होने का खतरा कम होता है और किसानों को बेहतर मूल्य मिलता है।
उन्नत चिलिंग सुविधाएं न केवल दूध की शेल्फ लाइफ बढ़ाती हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी उद्यमिता को भी प्रोत्साहित करती हैं।
उद्घाटन के दौरान, मंत्री फारवास ने मिनी डेयरी फार्म विकास योजना के तहत 11 लाभार्थियों को ₹24.50 लाख की ऋण सहायता के आदेश भी वितरित किए। इसका उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देना और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए 'राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम' (NPDD) एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। यह कार्यक्रम दूध उत्पादन की दक्षता बढ़ाने और किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. इस चिलिंग सेंटर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दूध का संग्रह, चिलिंग और भंडारण सुविधाओं में सुधार करना है ताकि दूध की गुणवत्ता बनी रहे।
2. यह केंद्र कितने दूध का प्रबंधन कर सकता है?
इसकी कुल क्षमता 5,000 लीटर है, और यह प्रतिदिन लगभग 3,000 लीटर दूध एकत्र करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।