सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) से आरबीआई को एक अलग नजरिए से देखने का आग्रह किया है, साथ ही उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों की सराहना की है।
मुख्य बातें
- अमित शाह ने कहा कि आरबीआई ने शहरी सहकारी बैंकों की मदद के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं।
- आरबीआई ने शाखा खोलने और डोरस्टेप बैंकिंग जैसे नियमों में ढील दी है।
- NUCFDC का मुख्यालय जल्द ही नई दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया जाएगा।
- छोटे कर्जदारों को बैंक के लिए सबसे सुरक्षित माना गया है।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मुंबई में राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त और विकास निगम (NUCFDC) के नए कार्यालय भवन का उद्घाटन करते हुए शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने बैंकों से आग्रह किया कि वे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को एक नियामक के बजाय एक सहयोगी के रूप में देखें।
शाह ने जोर देकर कहा कि पिछले पांच वर्षों के अपने अनुभव के आधार पर, उन्होंने देखा है कि जब भी सरकार ने आत्मविश्वास के साथ कदम आगे बढ़ाए हैं, आरबीआई ने सक्रिय रूप से सहयोग किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि आरबीआई ने शाखा खोलने के नियमों को उदार बनाया है, डोरस्टेप बैंकिंग की अनुमति दी है और जीवन प्रमाण पत्र जारी करने जैसी सुविधाएं भी प्रदान की हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी सहकारी बैंकों का जमा पूंजी आधार ₹6 लाख करोड़ से अधिक है। यदि इन बैंकों और नियामक के बीच समन्वय बेहतर होता है, तो यह छोटे उद्यमियों और सूक्ष्म व्यवसायों के लिए ऋण उपलब्धता को काफी बढ़ा सकता है।
आरबीआई और सहकारी बैंकों के बीच का पुराना अविश्वास अब सहयोग में बदल रहा है, जो बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
मंत्री ने स्वर्ण ऋण (Gold Loan) की सीमा बढ़ाने और एकमुश्त निपटान (One-time settlement) की अनुमति देने जैसे कदमों का भी स्वागत किया। इसके अलावा, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने UCBs के लिए 'ऑन-टैप' लाइसेंसिंग की दिशा में कदम बढ़ाते हुए दो दशकों के अंतराल को समाप्त करने का संकेत दिया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अतीत में, कुछ सहकारी बैंकों में खराब शासन और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण वित्तीय अस्थिरता देखी गई थी। इसी कारण से नियामक ने अधिक सावधानी बरती थी, लेकिन वर्तमान सुधारों का उद्देश्य पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. NUCFDC क्या है? यह शहरी सहकारी क्षेत्र के लिए एक अम्ब्रेला संस्था है जो तकनीकी ज्ञान और सुरक्षा समाधान प्रदान करती है।
2. आरबीआई ने UCBs के लिए क्या राहत दी है? आरबीआई ने शाखा विस्तार, डोरस्टेप बैंकिंग और स्वर्ण ऋण की सीमाओं में महत्वपूर्ण छूट दी है।