चार महीनों की लगातार बिकवाली के बाद, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी की है। अगस्त के मात्र 5 दिनों में उन्होंने ₹12,921 करोड़ का निवेश कर बाजार के सेंटीमेंट को बदल दिया है।

वीडियो लोड हो रहा है...

मुख्य बातें

  • अगस्त के पहले 5 कारोबारी दिनों में FPI ने ₹12,921 करोड़ का निवेश किया।
  • जुलाई में विदेशी निवेशकों ने ₹20,200 करोड़ की खरीदारी की थी।
  • पिछले चार महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से लगभग ₹2.5 लाख करोड़ निकाले थे।
  • अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और स्थिर रुपया वापसी के मुख्य कारण हैं।

भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। लंबे समय तक बिकवाली करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अब भारतीय बाजार पर अपना भरोसा फिर से जताया है। मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों के कारण जो निवेशक बाजार से भाग रहे थे, वे अब भारी मात्रा में पैसा वापस ला रहे हैं।

अगस्त की शुरुआत में निवेश का बड़ा धमाका

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने के मात्र पांच कारोबारी दिनों के भीतर FPI ने ₹12,921 करोड़ का जोरदार निवेश किया है। यह वापसी जुलाई महीने के उस रुझान का विस्तार है, जहाँ विदेशी निवेशकों ने ₹20,200 करोड़ की खरीदारी की थी। यह निवेश उन चार महीनों की भारी बिकवाली के विपरीत है, जिसने बाजार की गति को काफी हद तक धीमा कर दिया था।

क्यों बदली विदेशी निवेशकों की रणनीति?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वैश्विक और घरेलू कारकों के मेल ने निवेशकों के मूड को बदला है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और भारतीय रुपये की मजबूती ने FPI को फिर से आकर्षित किया है।

भारत की मजबूत जीडीपी ग्रोथ और आरबीआई के स्थिर आउटलुक ने विदेशी निवेशकों के विश्वास को पुनर्जीवित किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक अब विशेष रूप से ऑटो, कंज्यूमर गुड्स और हेल्थकेयर क्षेत्रों में अपनी पैठ बना रहे हैं। जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी आने से भी विदेशी पूंजी के प्रवाह में तेजी आई है।

ऐतिहासिक बिकवाली का दौर: एक तुलना

इससे पहले, मार्च से जून के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से भारी निकासी की थी। नीचे दी गई तालिका में पिछले महीनों की बिकवाली का विवरण दिया गया है:

महीनानिकासी की राशि (करोड़ रुपये में)
मार्च1,17,000
अप्रैल60,847
मई32,963
जून49,340
क्या आप जानते हैं?: 2026 में अब तक की कुल FPI बिकवाली (₹2.41 लाख करोड़) पिछले साल 2025 की कुल बिकवाली (₹1.66 लाख करोड़) से कहीं अधिक है, बावजूद इसके कि अब निवेश बढ़ रहा है।

Frequently Asked Questions

1. FPI क्या है और यह बाजार को कैसे प्रभावित करता है?
FPI का अर्थ है विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक। जब ये निवेशक बड़ी मात्रा में पैसा बाजार में लाते हैं, तो शेयरों की मांग बढ़ती है और बाजार ऊपर जाता है।

2. विदेशी निवेशकों के वापस आने का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती प्रमुख कारण हैं।