पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री तपस रॉय ने घोषणा की है कि राज्य सरकार पुराने औद्योगिक पार्कों का व्यापक ऑडिट करेगी और अगस्त के अंत तक केंद्र की 'भव्य' योजना के तहत प्रस्ताव पेश करेगी।

मुख्य बातें

  • पुराने औद्योगिक पार्कों के भूमि उपयोग और बुनियादी ढांचे का होगा व्यापक ऑडिट।
  • अगस्त के अंत तक केंद्र सरकार को 'भव्य' (BHAVYA) योजना के प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
  • सरकार नई औद्योगिक नीति और उन्नत भूमि नीति पर काम कर रही है।
  • निवेश के लिए 100 एकड़ की बाधा मुक्त भूमि की आवश्यकता होगी।

पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री तपस रॉय ने रविवार को घोषणा की कि राज्य सरकार पुराने औद्योगिक पार्कों की व्यापक समीक्षा कर रही है। इस ऑडिट का मुख्य उद्देश्य भूमि के उपयोग, बुनियादी ढांचे की कमियों और नए निवेशों के लिए उपलब्ध भूखंडों का आकलन करना है। यह कदम राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उठाया जा रहा है।

नबन्ना में पत्रकारों से बात करते हुए, रॉय ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र की 'भव्य' (BHAVYA) योजना के तहत अपने प्रस्ताव तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों को अगस्त के अंत तक केंद्र सरकार को सौंप दिया जाएगा। हालांकि केंद्र ने राज्यों के लिए समय सीमा सितंबर तक बढ़ा दी है, लेकिन पश्चिम बंगाल प्रशासन इस कार्य को समय से पहले पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम पश्चिम बंगाल की औद्योगिक छवि को बदलने के लिए महत्वपूर्ण है। पिछले 15 वर्षों में नए औद्योगिक पार्कों की कमी के आरोपों के बीच, सरकार अब मौजूदा संपत्तियों का अधिकतम उपयोग करने और एक व्यवस्थित 'लैंड बैंक' बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

सरकार का ध्यान केवल कागजों पर भूमि आवंटन पर नहीं, बल्कि उसकी व्यावहारिक उपयोगिता और निवेश के लिए तत्परता पर है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'भव्य' योजना के तहत प्रस्तावों के लिए कम से कम 100 एकड़ ऐसी भूमि की आवश्यकता होती है जो कानूनी विवादों से मुक्त हो, सरकार के पूर्ण कब्जे में हो और जहां बिजली, पानी और सड़क जैसे बुनियादी ढांचे मौजूद हों।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास पिछले कुछ दशकों में उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्तमान प्रशासन का तर्क है कि उन्हें पिछली सरकारों से एक अव्यवस्थित तंत्र विरासत में मिला था, जिसमें लैंड बैंक की कमी और पुरानी भूमि नीतियां प्रमुख थीं। अब सरकार एक नई औद्योगिक नीति और बेहतर 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' (EoDB) ढांचे के साथ वापसी की कोशिश कर रही है।

क्या आप जानते हैं?: 'भव्य' योजना का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास करना और निवेश के लिए तैयार भूमि बैंक बनाना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. 'भव्य' योजना के तहत प्रस्ताव के लिए क्या शर्तें हैं?
प्रस्ताव के लिए कम से कम 100 एकड़ बाधा मुक्त भूमि, स्पष्ट कानूनी शीर्षक और पूर्ण बुनियादी ढांचा होना अनिवार्य है।

2. ऑडिट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ऑडिट का उद्देश्य यह देखना है कि क्या औद्योगिक भूमि का वास्तव में उद्योग के लिए उपयोग किया जा रहा है या वह खाली पड़ी है।