EEMA अध्यक्ष समित गर्ग ने खुलासा किया है कि भारत की अनुभव अर्थव्यवस्था 2030 तक $59.2 बिलियन तक पहुँच सकती है। लाइव इवेंट्स और अनुभव अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीडीपी के प्रमुख चालक बन रहे हैं।

मुख्य बातें

  • भारत की अनुभव अर्थव्यवस्था 2030 तक $59.2 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है।
  • शादियों का व्यवसाय 18%-20% और स्पोर्ट्स इवेंट्स 20%-23% की दर से बढ़ रहे हैं।
  • इवेंट इंडस्ट्री अब सेवा अर्थव्यवस्था से अनुभव अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है।

चेन्नई में आयोजित 'EEMAGINE' सम्मलेन में, इवेंट्स एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएशन (EEMA) के अध्यक्ष समित गर्ग ने भारत के लाइव इवेंट्स और मनोरंजन क्षेत्र के भविष्य के बारे में एक क्रांतिकारी दृष्टिकोण साझा किया। वर्तमान में $32.2 बिलियन की स्थिति में मौजूद यह क्षेत्र, 2030 तक लगभग $59.2 बिलियन तक पहुँचने की राह पर है।

गर्ग ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में उद्योग ने 16% से 18% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि टिकट आधारित व्यवसाय 26% की दर से बढ़ रहा है, जो उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत अब केवल एक सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था नहीं रह गया है, बल्कि यह एक 'अनुभव अर्थव्यवस्था' (Experience Economy) में बदल रहा है। लाइव अनुभव अब केवल पर्यटन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे जीडीपी को गति देने, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने और राज्यों की वैश्विक ब्रांडिंग तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

लाइव अनुभव अब केवल मनोरंजन नहीं हैं; वे जीडीपी को संचालित करते हैं और यह तय करते हैं कि कोई राज्य दुनिया के सामने खुद को कैसे पेश करता है।

KPMG और मास्टरकार्ड के सहयोग से तैयार एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र को और अधिक फलने-फूलने के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और बेहतर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है। वर्तमान में लगभग 80% आयोजक इवेंट से संबंधित अनुमतियां प्राप्त करने को कठिन मानते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले पांच दशकों में, भारत में इवेंट और मनोरंजन उद्योग को हमेशा पर्यटन, आतिथ्य और संस्कृति के एक सहायक हिस्से के रूप में देखा गया है। हालांकि, हाल के वर्षों में डिजिटल युग और बढ़ती डिस्पोजेबल आय के कारण, यह एक स्वतंत्र और शक्तिशाली आर्थिक स्तंभ के रूप में उभरा है।

क्या आप जानते हैं?: भारत में स्पोर्ट्स इवेंट्स का बाजार हर साल 20% से अधिक की दर से बढ़ रहा है, जो खेल संस्कृति में बड़े बदलाव का संकेत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. भारत की अनुभव अर्थव्यवस्था का आकार क्या है?
वर्तमान में यह लगभग $32.2 बिलियन है और 2030 तक $59.2 बिलियन होने की उम्मीद है।

2. कौन से क्षेत्र इस वृद्धि में सबसे अधिक योगदान दे रहे हैं?
शादियाँ, खेल आयोजन और टिकट वाले मनोरंजन कार्यक्रम इस विकास के मुख्य इंजन हैं।