भारत सरकार अक्षय ऊर्जा ग्रिड की स्थिरता बढ़ाने के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तीसरे चरण की तैयारी कर रही है। ₹50,000 करोड़ से अधिक के परिव्यय वाली इस योजना का लक्ष्य 135 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का निष्कासन करना है।

मुख्य बातें

  • ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (GEC) के तीसरे चरण का प्रस्ताव केंद्रीय कैबिनेट को भेजा गया है।
  • इस योजना के लिए ₹50,000 करोड़ से अधिक का बजट अनुमानित है।
  • तीसरे चरण का मुख्य लक्ष्य 135 GW अक्षय ऊर्जा का प्रभावी संचरण करना है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा से समृद्ध राज्यों में इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।

भारत सरकार अक्षय ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इंट्रा-स्टेट ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (GEC) के तीसरे चरण की योजना अंतिम चरणों में है और अंतिम अनुमोदन के लिए केंद्रीय कैबिनेट को भेज दी गई है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य उन राज्यों में ट्रांसमिशन लाइनों का विस्तार करना है जो सौर और पवन ऊर्जा के मामले में समृद्ध हैं। इससे अक्षय ऊर्जा को उत्पादन केंद्रों से दूर स्थित मांग केंद्रों तक कुशलतापूर्वक पहुँचाया जा सकेगा, जिससे ग्रिड की स्थिरता बनी रहेगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह परियोजना केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता है। जब तक ट्रांसमिशन क्षमता नहीं बढ़ेगी, तब तक अक्षय ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि का कोई लाभ नहीं होगा, क्योंकि ऊर्जा का निष्कासन (evacuation) सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

"अक्षय ऊर्जा का उत्पादन करना आसान है, लेकिन उसे ग्रिड तक सुरक्षित और स्थिर तरीके से पहुँचाना ही वास्तविक चुनौती है, जिसे GEC फेज-3 हल करने का प्रयास करेगा।"

हालांकि, संसदीय ऊर्जा समिति ने पिछले चरणों में कुछ गंभीर मुद्दों की ओर इशारा किया है। फेज-I और फेज-II में राइट ऑफ वे (RoW), वन विभाग की मंजूरी और 'ग्रेट इंडियन बस्टर्ड' (GIB) जैसे पर्यावरण संबंधी मुद्दों के कारण देरी देखी गई। समिति ने सुझाव दिया है कि सरकार को राज्यों के साथ मिलकर इन बाधाओं को दूर करना चाहिए।

चरण (Phase) मुख्य फोकस/स्थिति प्रमुख चुनौतियाँ
फेज-I बुनियादी ढांचा स्थापना (लगभग पूर्ण) वन मंजूरी और GIB मुद्दे
फेज-II विस्तार (अगले 2 वर्षों में पूर्ण होने की उम्मीद) राज्यों की कम भागीदारी और नियामक मुद्दे
फेज-III 135 GW क्षमता का निष्कासन (प्रस्तावित) तेजी से कार्यान्वयन और समन्वय
क्या आप जानते हैं?: ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य सौर और पवन ऊर्जा जैसे अस्थिर स्रोतों को पारंपरिक बिजली स्टेशनों के साथ सिंक्रोनाइज़ करना है ताकि ग्रिड फेल न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा समृद्ध क्षेत्रों से बिजली को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाना और ग्रिड स्थिरता बनाए रखना है।

प्रश्न 2: तीसरे चरण में कितनी बिजली का निष्कासन करने का लक्ष्य है?
उत्तर: सरकार का लक्ष्य तीसरे चरण के माध्यम से लगभग 135 गीगावाट (GW) अक्षय ऊर्जा का निष्कासन करना है।