अमेरिका में करियर बचाने के लिए एक भारतीय डेटा एनालिटिक्स पेशेवर को तीन बार H-1B वीजा रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। अंततः, उन्होंने 12 लाख रुपये खर्च कर और 700 पन्नों का दस्तावेज तैयार कर O-1 वीजा प्राप्त किया।

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मुख्य बातें

  • H-1B वीजा लॉटरी में तीन बार असफल होने के बाद सोहन सेठी ने O-1 वीजा का रास्ता चुना।
  • O-1 वीजा प्राप्त करने के लिए लगभग 12 लाख रुपये (13,000 डॉलर) का कानूनी खर्च आया।
  • O-1 वीजा के लिए आवेदक को अपने क्षेत्र में असाधारण प्रतिभा और उपलब्धियों का प्रमाण देना होता है।
  • अमेरिका में बढ़ते ले-ऑफ और सख्त नियमों के कारण भारतीय पेशेवरों के लिए चुनौतियां बढ़ी हैं।

अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे भारतीय पेशेवरों के लिए एक चुनौतीपूर्ण कहानी सामने आई है। 29 वर्षीय सोहन सेठी, जो एक डेटा एनालिटिक्स और AI विशेषज्ञ हैं, को H-1B वीजा लॉटरी में लगातार तीन बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। जब उनका STEM OPT समाप्त होने वाला था, तब उनके पास अमेरिका में रहने के लिए बहुत कम समय बचा था।

अपने करियर को बचाने के लिए, सेठी ने एक कठिन रास्ता चुना—O-1 वीजा। यह वीजा लॉटरी पर आधारित नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए है जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। इस प्रक्रिया के लिए उन्हें न केवल महीनों की कड़ी मेहनत करनी पड़ी, बल्कि लगभग 12 लाख रुपये ($13,000) की कानूनी फीस भी चुकानी पड़ी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अमेरिका में बदलती आव्रजन (Immigration) नीतियां और तकनीकी क्षेत्र में बढ़ते ले-ऑफ भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर रहे हैं। H-1B की अनिश्चितता अब केवल एक प्रक्रियात्मक समस्या नहीं, बल्कि एक अस्तित्वगत संकट बनती जा रही है।

H-1B की अनिश्चितता अब भारतीय पेशेवरों को वैकल्पिक वीजा श्रेणियों और नए देशों की ओर देखने के लिए मजबूर कर रही है।

सेठी को अपना आवेदन मजबूत करने के लिए 700 से अधिक पन्नों का प्रमाण पत्र, शोध पत्र, मीडिया कवरेज और सिफारिश पत्र इकट्ठा करने पड़े। उन्होंने बताया कि उन्होंने कनाडा या ब्रिटेन जैसे विकल्पों पर भी विचार किया, लेकिन AI और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में अमेरिका में मिलने वाले अवसरों के कारण वे वहीं रुकना चाहते थे।

H-1B बनाम O-1 वीजा: एक तुलना

विशेषताH-1B वीजाO-1 वीजा
चयन प्रक्रियालॉटरी आधारितयोग्यता/उपलब्धि आधारित
अनिश्चितताबहुत अधिक (लॉटरी पर निर्भर)कम (दस्तावेजों पर निर्भर)
आवश्यकताविशेष कौशलअसाधारण प्रतिभा/प्रसिद्धि
क्या आप जानते हैं?: H-1B वीजा धारकों के पास नौकरी छूटने के बाद अमेरिका में रहने के लिए केवल 60 दिनों का 'ग्रेस पीरियड' होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. O-1 वीजा क्या है?
यह उन व्यक्तियों के लिए है जिनके पास विज्ञान, कला, शिक्षा, व्यवसाय या एथलेटिक्स में असाधारण क्षमता का प्रमाण है।

2. क्या H-1B वीजा मिलना अब मुश्किल हो गया है?
हाँ, लॉटरी प्रणाली और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण इसकी अनिश्चितता बढ़ गई है।