रिलायंस, हिंदुस्तान यूनीलीवर, आईटीसी और Larsen & Toubro भारत के सेंसक्स के शुरुआती सदस्य हैं। इन कंपनियों का इतिहास देश की आर्थिक परिवर्तन को दर्शाता है, जबकि 2026 में उनके शेयरों की प्रदर्शन में विविधता है।
मुख्य बिंदु
- रिलायंस, HUL, आईटीसी और L&T सेंसक्स के संस्थापक सदस्य हैं
- 2026 में सभी शेयरों की कीमतें गिरावट दिखा रही हैं
- दीर्घकालिक रिटर्न में अंतर स्पष्ट है
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1800 के दशक में मुंबई के टाउन हॉल के बाहर बैन्यन के पेड़ के नीचे पाँच दलालों ने अनौपचारिक ट्रेडिंग शुरू की। 1875 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की स्थापना के साथ यह भारत की सबसे पुरानी स्टॉक मार्केट बन गई, जो आज पूर्णतः स्वचालित डिजिटल एक्सचेंज में परिवर्तित हो चुकी है।
सेंसक्स के चार स्थायी सदस्य
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अक्टूबर 1977 में 2.8 मिलियन शेयरों के साथ आईपीओ किया। वर्तमान में यह भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी है, जिसकी बाजार पूंजी लगभग ₹17.73 लाख करोड़ है। 2026 में शेयर मूल्य 17% गिरा, परंतु 3‑वर्ष और 5‑वर्ष रिटर्न क्रमशः 2% और 22% हैं।
हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) का इतिहास 1888 में कोलकाता बंदरगाह में इंग्लैंड से आयी साबुन की बक्सियों से शुरू होता है। 1956 में इसका आईपीओ जारी किया गया, जिससे यह विदेशी सहायक कंपनियों में पहला बना। 2026 में शेयर 11% गिरा, जबकि 3‑वर्ष और 5‑वर्ष रिटर्न क्रमशः -18% और -14% हैं।
ITC 1910 में इम्पीरियल टंबैक कंपनी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड के रूप में स्थापित हुआ। 1974 में इसे ITC लिमिटेड का नाम मिला। इस वर्ष शेयर 23% गिरावट दर्शा रहा है।
Larsen & Toubro की स्थापना 1938 में दो डेनिश इंजीनियरों ने की थी। आज यह EPC प्रोजेक्ट, हाई‑टेक मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं में अग्रणी है। 2026 में शेयर 2% से गिरा, परंतु 3‑वर्ष रिटर्न 52% और 5‑वर्ष रिटर्न 143% है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that these legacy stocks act as economic barometers, reflecting both sectoral shifts and broader macro‑economic trends in India. Their continued presence in the Sensex underscores investor confidence in established conglomerates despite short‑term volatility.
"इन चार कंपनियों ने भारतीय शेयर बाजार की स्थिरता और विकास का आधार रखा है," कहते हैं वित्तीय विशेषज्ञ डॉ. रजत शर्मा।
तुलनात्मक तालिका
| कंपनी | IPO वर्ष | 2026 YTD परिवर्तन | 3‑वर्ष रिटर्न | 5‑वर्ष रिटर्न |
|---|---|---|---|---|
| रिलायंस इंडस्ट्रीज | 1977 | -17% | +2% | +22% |
| हिंदुस्तान यूनिलीवर | 1956 | -11% | -18% | -14% |
| ITC | 1910 | -23% | डेटा उपलब्ध नहीं | डेटा उपलब्ध नहीं |
| Larsen & Toubro | 1938 | -2% | +52% | +143% |
Frequently Asked Questions
Q1: क्या ये चार कंपनियां भविष्य में भी सेंसक्स में रहेंगी?
A: उनका दीर्घकालिक व्यावसायिक मॉडल और बाजार में हिस्सेदारी उन्हें संभावित रूप से सूची में बनाए रख सकती है, लेकिन बाजार की अस्थिरता जोखिम बनाती है।
Q2: निवेशकों को इन शेयरों में निवेश करते समय किन कारकों पर ध्यान देना चाहिए?
A: कंपनी की वित्तीय स्वास्थ्य, उद्योग ट्रेंड, और सरकारी नीतियों का प्रभाव मुख्य विचारणीय बिंदु हैं।