भारत सरकार ने घरेलू पाइप वाले प्राकृतिक गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की घोषणा की है। सिटी गैस वितरकों (CGDs) को अब नए कनेक्शनों के लिए अतिरिक्त सस्ता APM गैस कोटा दिया जाएगा।

  • सरकार प्रति अतिरिक्त घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए 200 SCM सस्ता APM गैस आवंटित करेगी।
  • यह कदम 1 सितंबर, 2026 से प्रभावी होगा।
  • इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में तनाव के कारण बढ़े हुए LNG आयात खर्च को कम करना है।
  • नए प्रोत्साहन से निवेश की वसूली की अवधि 10 साल से घटकर केवल 3 साल रह सकती है।

भारत सरकार ने देश भर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक रणनीतिक निर्णय लिया है। मंगलवार को घोषित नई नीति के अनुसार, पात्र सिटी गैस वितरकों (CGDs) को उनके द्वारा किए गए प्रत्येक नए घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) अतिरिक्त एडमिनिस्ट्रेटेड प्राइस मैकेनिज्म (APM) गैस आवंटित की जाएगी।

यह आवंटन संबंधित भौगोलिक क्षेत्रों के लिए निर्धारित मौजूदा सीमा से 'ऊपर और अतिरिक्त' होगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य उन वितरकों की वित्तीय मदद करना है जो अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगा एलएनजी (LNG) खरीदने को मजबूर हैं। वर्तमान में, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक एलएनजी की कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं, जिससे घरेलू वितरण लागत बढ़ जाती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल सब्सिडी देने के बारे में नहीं है, बल्कि यह भारत के ऊर्जा ढांचे को बदलने की एक सोची-समझी रणनीति है। सस्ते APM गैस का उपयोग करके, सरकार न केवल वितरकों के मुनाफे को सुरक्षित कर रही है, बल्कि अंतिम उपभोक्ता के लिए भी स्वच्छ ईंधन को किफायती बना रही है।

यह प्रोत्साहन तंत्र गैस वितरण कंपनियों के लिए पूंजीगत व्यय की वसूली को नाटकीय रूप से तेज कर देगा, जिससे बुनियादी ढांचे का विस्तार तेजी से होगा।

यह प्रोत्साहन तंत्र दो चरणों में लागू किया जाएगा, जो छह महीने की अवधि तक चलेगा। इस नीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक व्यवहार्यता है। सरकार के अनुसार, इस कदम से घरेलू पीएनजी कनेक्शनों पर किए गए पूंजीगत व्यय (Capex) की रिकवरी अवधि जो पहले लगभग 10 वर्ष थी, अब घटकर मात्र 3 वर्ष रह जाएगी।

गौरतलब है कि APM गैस वह प्राकृतिक गैस है जिसका उत्पादन भारत की प्रमुख अपस्ट्रीम कंपनियों जैसे ONGC और OIL द्वारा पारंपरिक क्षेत्रों से किया जाता है। यह गैस अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों की तुलना में काफी सस्ती होती है।

Did You Know?: APM गैस का उपयोग करने से वितरण कंपनियों की लागत कम होती है, जिससे वे आम जनता को सस्ती दरों पर स्वच्छ ईंधन प्रदान कर पाती हैं।

Frequently Asked Questions

1. यह नई नीति कब से लागू होगी?
यह नीति 1 सितंबर, 2026 से प्रभावी होगी।

2. APM गैस क्या है?
APM गैस वह गैस है जिसका उत्पादन घरेलू कंपनियों जैसे ONGC द्वारा किया जाता है और इसकी कीमतें सरकार द्वारा नियंत्रित होती हैं।