भवानी जिला हथकरघा जम्मकलम बुनकर संघ ने तमिलनाडु सरकार से बुनियादी मजदूरी में संशोधन और अवैध पावरलूम पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। बुनकरों ने चेतावनी दी है कि बिना बदलाव के यह पारंपरिक उद्योग खतरे में है।

  • बुनियादी मजदूरी पिछले 32 वर्षों से अपरिवर्तित है।
  • अवैध पावरलूम के कारण पारंपरिक हथकरघा उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।
  • संघ ने भवानी में एक 'जम्मकलम तकनीकी कॉलेज' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

तमिलनाडु के इरोड जिले में स्थित प्रसिद्ध भवानी जम्मकलम उद्योग वर्तमान में एक बड़े संकट से गुजर रहा है। भवानी जिला हथकरघा जम्मकलम, बेडशीट बुनकर और रंगाई श्रमिक संघ ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक में सरकार से इस पारंपरिक कला को बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

सोमवार को भवानी में आयोजित संघ की परिषद बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। यूनियन के अध्यक्ष पी.आर. अलिमुथु की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बुनकरों ने अपनी दशकों पुरानी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सबसे गंभीर मुद्दा बुनियादी मजदूरी का है, जो पिछले 32 वर्षों से नहीं बदली है, जिससे बुनकर परिवारों का जीवन अत्यंत कठिन हो गया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यदि इस पारंपरिक हस्तशिल्प को तत्काल सरकारी सहायता नहीं मिली, तो न केवल हजारों कारीगर बेरोजगार हो जाएंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत भी लुप्त हो जाएगी। अवैध पावरलूम का बढ़ता प्रभाव हथकरघा की गुणवत्ता और बाजार हिस्सेदारी को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है।

पारंपरिक हथकरघा उद्योग को बचाने के लिए केवल सब्सिडी काफी नहीं है, बल्कि तकनीकी शिक्षा और अवैध प्रतिस्पर्धा पर लगाम लगाना अनिवार्य है।

बुनकरों ने मांग की है कि सरकार अवैध पावरलूम इकाइयों को तुरंत जब्त करे। इसके साथ ही, उन्होंने सहकारी समितियों द्वारा जमा किए गए स्टॉक को निकालने के लिए साल में तीन महीने विशेष सब्सिडी देने की भी मांग की है। संघ ने भवानी में एक समर्पित जम्मकलम तकनीकी कॉलेज खोलने का सुझाव दिया है ताकि नई पीढ़ी को इस कला में प्रशिक्षित किया जा सके।

बैठक में एआईटीयूसी राज्य सचिव एस. चिन्नसामी और अन्य श्रमिक नेताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने मांग की कि बुनकरों को वार्षिक महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाना चाहिए ताकि वे बढ़ती मुद्रास्फीति का सामना कर सकें।

Did You Know?: भवानी जम्मकलम को इसकी विशिष्ट बुनाई और टिकाऊपन के कारण भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्राप्त है, जो इसकी वैश्विक पहचान को मजबूत करता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: बुनकरों की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: मुख्य मांगें 32 वर्षों से रुकी हुई मजदूरी में वृद्धि, महंगाई भत्ता और अवैध पावरलूम पर प्रतिबंध हैं।

प्रश्न 2: जम्मकलम तकनीकी कॉलेज क्यों आवश्यक है?
उत्तर: यह कौशल विकास और नई पीढ़ी को इस पारंपरिक उद्योग से जोड़ने के लिए आवश्यक है।