कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आरबीआई द्वारा एफसीएन (बी) फॉरेक्स-स्वैप सुविधा को समय से पहले बंद करने के कारण भारतीय रुपया कमजोर होकर 95.68 के स्तर पर आ गया है। बाजार विशेषज्ञों ने डॉलर की बढ़ती मांग और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को इसकी मुख्य वजह बताया है।

  • रुपया 7 पैसे गिरकर 95.68 प्रति डॉलर पर पहुंचा।
  • ब्रेंट क्रूड का $91 प्रति बैरल के करीब पहुंचना डॉलर की मांग बढ़ा रहा है।
  • आरबीआई द्वारा रियायती FCN (B) फॉरेक्स-स्वैप सुविधा बंद करने से डॉलर प्रवाह पर चिंता बढ़ी।
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹2,535.10 करोड़ की इक्विटी बेची।

मंगलवार (18 अगस्त, 2026) को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे टूटकर 95.68 पर बंद हुआ। मुद्रा बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और डॉलर की निरंतर मांग के कारण देखी गई। सोमवार को रुपया 19 पैसे गिरकर 95.61 पर बंद हुआ था, और मंगलवार को यह गिरावट जारी रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें $91 प्रति बैरल के स्तर को पार करने से तेल आयात करने वाली कंपनियों के लिए डॉलर की मांग बढ़ गई है। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रियायती FCN (B) फॉरेक्स-स्वैप सुविधा को उम्मीद से पहले बंद किए जाने से बाजार में भविष्य के डॉलर प्रवाह को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की अर्थव्यवस्था कच्चे तेल के आयात पर अत्यधिक निर्भर है। जब भी वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे रुपये पर दबाव पड़ता है। वर्तमान में, अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनाव ने बाजार में घबराहट पैदा कर दी है, जिससे शांति समझौते की संभावनाएं कम हो गई हैं।

"रुपया बढ़ती तेल कीमतों के प्रति संवेदनशील दिख रहा है। आरबीआई संभवतः 95.75 के स्तर पर हस्तक्षेप कर सकता है, लेकिन तेल कंपनियों की निरंतर मांग को देखते हुए गिरावट जारी रह सकती है।" - अनिल कुमार भंसाली, फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स।

शेयर बाजार पर भी इसका नकारात्मक असर देखा गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 278.32 अंक गिरकर 77,450.64 पर आ गया, जबकि निफ्टी 57.65 अंक फिसलकर 24,230.45 पर कारोबार कर रहा था। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) द्वारा की गई भारी बिकवाली ने घरेलू बाजार की स्थिति को और नाजुक बना दिया है।

संकेतक (Indicator) वर्तमान मूल्य (Current Value) परिवर्तन (Change)
USD/INR 95.68 -7 Paise
Brent Crude $91.34 +0.52%
Dollar Index 99.63 -0.01%
क्या आप जानते हैं?: भारतीय रुपया दुनिया की उन चुनिंदा मुद्राओं में से एक है जिसकी विनिमय दर को आरबीआई नियंत्रित करता है ताकि अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोका जा सके।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: रुपये के गिरने का आम आदमी पर क्या असर होता है?
उत्तर: जब रुपया गिरता है, तो आयात (जैसे कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स) महंगा हो जाता है, जिससे देश में महंगाई बढ़ सकती है।

प्रश्न 2: FCN (B) फॉरेक्स-स्वैप सुविधा क्या है?
उत्तर: यह आरबीआई द्वारा प्रदान की जाने वाली एक सुविधा है जिसके माध्यम से बाजार में डॉलर की तरलता (Liquidity) को प्रबंधित किया जाता है।