मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है। जानें आज आपके शहर में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का क्या भाव है।
- 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹92 प्रति ग्राम की गिरावट आई है।
- 22 कैरेट सोना ₹14,205 प्रति ग्राम पर उपलब्ध है।
- मध्य पूर्व में अस्थिरता और वैश्विक तनाव सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
भारतीय सर्राफा बाजार में आज, 19 अगस्त 2026 को सोने की कीमतों में हल्की नरमी देखी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घबराहट कम होने के बावजूद, मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव ने कीमतों में उतार-चढ़ाव बनाए रखा है। Good Returns की रिपोर्ट के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत आज ₹15,497 प्रति ग्राम दर्ज की गई है, जो पिछले दिन की तुलना में ₹92 कम है।
शहरों के अनुसार सोने की कीमतें
देश के विभिन्न महानगरों में सोने के भाव अलग-अलग हैं। जहाँ दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹15,512 प्रति ग्राम है, वहीं मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में यह ₹15,497 प्रति ग्राम पर स्थिर है।
| शहर | 24 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) | 18 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹15,512 | ₹14,220 | ₹11,638 |
| मुंबई | ₹15,497 | ₹14,205 | ₹11,623 |
| चेन्नई | ₹15,497 | ₹14,205 | ₹11,985 |
| कोलकाता | ₹15,497 | ₹14,205 | ₹11,696 |
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सोने की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव केवल स्थानीय मांग पर नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर है। मध्य पूर्व में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर धकेला है।
वैश्विक अस्थिरता के दौर में सोना हमेशा एक सुरक्षित आश्रय स्थल (Safe Haven) बना रहता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: ऐतिहासिक रूप से, जब भी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं (विशेषकर तेल और समुद्री मार्ग) पर खतरा मंडराता है, सोने की मांग में भारी उछाल आता है। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए अल्पकालिक समझौते के टूटने से बाजार में अनिश्चितता फिर से लौट आई है।
Frequently Asked Questions
1. क्या आज सोना खरीदना सही है?
कीमतों में मामूली गिरावट को देखते हुए, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अवसर हो सकता है, लेकिन बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सावधानी बरतें।
2. सोने के भाव किन कारकों से बदलते हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की मजबूती, आयात शुल्क और भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारक हैं।