भारत सरकार ने घरेलू गैस कनेक्शनों के विस्तार के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता कम करना और पाइप वाली गैस (PNG) को बढ़ावा देना है। यह कदम वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों के बीच ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

  • सितंबर से लागू होगी नई प्रोत्साहन योजना।
  • कंपनियों को प्रत्येक नए सक्रिय कनेक्शन पर 200 मानक घन मीटर सस्ता घरेलू गैस मिलेगा।
  • निवेश की वसूली की अवधि 10 साल से घटकर 3 साल होने की उम्मीद है।
  • LPG आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य।

भारत सरकार ने देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के नेटवर्क को तेजी से विस्तारित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन योजना पेश की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, यह योजना सितंबर से प्रभावी होगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरी परिवारों को पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों से हटाकर सीधे पाइपलाइन के माध्यम से गैस उपलब्ध कराना है।

इस नई योजना के तहत, सिटी गैस वितरण कंपनियों (CGD) को प्रत्येक नए घरेलू कनेक्शन के लिए, जो सक्रिय रूप से गैस का उपयोग और भुगतान करता है, 200 मानक घन मीटर सस्ता घरेलू गैस आवंटित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त गैस आवंटन से कंपनियों की गैस खरीद लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल घरेलू सुविधा के लिए नहीं है, बल्कि भारत की व्यापक ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का एक हिस्सा है। वर्तमान में, भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60% आयात करता है। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है और आयात लागत बढ़ गई है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।

पाइप्ड गैस का विस्तार न केवल उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि यह भारत के आयात बिल को कम करने का एक रणनीतिक हथियार भी है।

वर्तमान में, भारत में लगभग 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं, जबकि एलपीजी ग्राहकों की संख्या 33 करोड़ से अधिक है। यह विशाल अंतर गैस कंपनियों के लिए विकास के अपार अवसर प्रदान करता है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि नए प्रोत्साहन से कंपनियों को अपने निवेश की वसूली करने में अब लगभग 10 साल के बजाय केवल 3 साल लगेंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है। वर्ष 2025 में, भारत ने लगभग 22 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी आयात की, जिस पर लगभग 12 बिलियन डॉलर खर्च किए गए। अधिकांश आपूर्ति मध्य पूर्व से आती है, जिससे क्षेत्रीय भू-राजनीतिक तनाव भारत की घरेलू ऊर्जा कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं।

Did You Know?: PNG का उपयोग करने से सिलेंडर बदलने की झंझट खत्म हो जाती है और गैस का दबाव भी एलपीजी की तुलना में अधिक स्थिर रहता है।

Frequently Asked Questions

1. नई प्रोत्साहन योजना कब से शुरू होगी?
यह योजना सितंबर से लागू होने की उम्मीद है।

2. गैस कंपनियों को इससे क्या लाभ होगा?
कंपनियों को नए कनेक्शनों पर सस्ता गैस कोटा मिलेगा, जिससे उनके निवेश की वसूली तेजी से होगी।