ओणम के त्योहार के चलते केरल के बाजारों में फूलों की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि देखी जा रही है। पड़ोसी राज्यों में पानी की कमी और खराब मौसम के कारण आपूर्ति बाधित होने से कीमतें पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ गई हैं।

  • ओणम उत्सव के कारण मांग में अचानक वृद्धि हुई है।
  • तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में पानी की कमी से आपूर्ति प्रभावित हुई है।
  • गेंदे के फूलों की कीमत ₹100 से बढ़कर ₹150 प्रति किलो तक पहुंच गई है।
  • कुडुम्बश्री मिशन स्थानीय उत्पादन बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है।

केरल में ओणम के त्योहार की आहट के साथ ही स्थानीय बाजारों में फूलों की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं, त्योहार के कैलेंडर में बदलाव और पड़ोसी राज्यों में कम पैदावार के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। व्यापारियों का कहना है कि इस साल ओणम का आगमन जल्दी होने और दो महीने की मंदी के बाद अचानक मांग बढ़ने से बाजार पूरी तरह से अस्थिर हो गया है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

बाजार विशेषज्ञों और व्यापारियों के अनुसार, मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के प्रमुख कृषि केंद्रों में पानी की भारी कमी और प्रतिकूल मौसम है। इन क्षेत्रों में खराब मौसम के कारण फूलों की फसल प्रभावित हुई है, जिससे केरल को होने वाली आपूर्ति में भारी गिरावट आई है।

आपूर्ति में कमी और मांग में अचानक आए उछाल ने बाजार के संतुलन को बिगाड़ दिया है, जिससे खुदरा दरें पिछले वर्ष के स्तर को पार कर गई हैं।

फूल व्यापारी राजेश रामस्वामी ने बताया कि गुलाब और सफेद गुलदाउदी की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन गेंदे (Marigold) के फूलों की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई है। जो गेंदा पिछले साल लगभग ₹100 प्रति किलोग्राम था, वह अब ₹140 से ₹150 प्रति किलोग्राम के बीच बिक रहा है।

कुडुम्बश्री की पहल और स्थानीय उत्पादन

बढ़ती महंगाई से आम जनता को राहत देने के लिए, जिला कुडुम्बश्री मिशन ने क्षेत्रीय खेती का विस्तार किया है। उनके 'निरप्पोलीमा' (Nirappolima) पहल के तहत, 597 संयुक्त देयता समूह (JLGs) लगभग 102.65 एकड़ भूमि पर गेंदा, गुलदाउदी, गोमफ्रेना और चमेली की खेती कर रहे हैं। इसका उद्देश्य घरेलू आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित करना और स्थानीय महिला किसानों को आय के अवसर प्रदान करना है।

BozokMedia विश्लेषण

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि त्योहारों के दौरान कृषि-आपूर्ति श्रृंखला की संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से सामने आई है। जलवायु परिवर्तन और पानी की कमी न केवल फसल उत्पादन को प्रभावित कर रही है, बल्कि सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब पर भी असर डाल रही है।

Did You Know?: ओणम के दौरान 'पुक्कलम' (फूलों की रंगोली) बनाने के लिए विभिन्न रंगों के फूलों की भारी मांग होती है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देती है।
फूल का प्रकारपिछले वर्ष की कीमत (अनुमानित)वर्तमान ओणम कीमत
गेंदा (Marigold)₹100/kg₹140 - ₹150/kg
गुलाब (Rose)स्थिरस्थिर
चमेली (Jasmine)सामान्यउच्च

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: फूलों की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों में पानी की कमी, प्रतिकूल मौसम और ओणम के कारण अचानक बढ़ी मांग है।

प्रश्न 2: क्या सरकार कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कुछ कर रही है?
उत्तर: हाँ, कुडुम्बश्री मिशन स्थानीय स्तर पर फूलों की खेती को बढ़ावा देकर आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।