सरकार समर्थित भारत टैक्सी ऐप के लॉन्च के छह महीने बाद, दिल्ली-NCR के ड्राइवर कम बुकिंग और ऊंचे किराए की समस्या से जूझ रहे हैं। ड्राइवरों का कहना है कि उनकी मासिक आय में लगभग आधी गिरावट आई है।
- भारत टैक्सी के दिल्ली-NCR में 2.3 लाख ड्राइवर पंजीकृत हैं, लेकिन सक्रिय ड्राइवरों की संख्या कम है।
- ड्राइवरों ने रिपोर्ट किया है कि उनकी मासिक कमाई ₹35,000 से गिरकर ₹18,000 तक आ गई है।
- उच्च बुकिंग किराए के कारण ग्राहक अन्य ऐप्स (Uber, Rapido) को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- कंपनी का दावा है कि वे 'जीरो कमीशन' मॉडल पर काम कर रहे हैं और यह केवल प्रशासनिक शुल्क है।
दिल्ली-NCR के टैक्सी ड्राइवरों के लिए सरकारी महत्वाकांक्षा और जमीनी हकीकत के बीच की खाई गहरी होती जा रही है। भारत टैक्सी, जिसे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च किया गया था, वर्तमान में एक कठिन दौर से गुजर रहा है। ड्राइवरों का कहना है कि जिस ऐप को उनकी आय बढ़ाने के लिए बनाया गया था, वह अब उनकी कमाई का मुख्य कारण बन गया है।
आजादपुर के रहने वाले 40 वर्षीय चमन लाल जैसे कई ड्राइवरों का अनुभव निराशाजनक रहा है। चमन, जो पहले Uber और Rapido के माध्यम से ₹35,000 से ₹45,000 प्रति माह कमाते थे, अब भारत टैक्सी पर मात्र 10 घंटे की ड्यूटी में एक ही बुकिंग पा पाते हैं। उनका कहना है कि शुरू में उन्हें उम्मीद थी कि 'सहकारी मॉडल' के कारण उनकी आय बढ़ेगी, लेकिन वास्तविकता इसके उलट है।
क्यों हो रही है यह समस्या?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत टैक्सी के सामने दोहरी चुनौती है: कम बुकिंग और ग्राहकों द्वारा उच्च किराए के कारण बुकिंग रद्द करना। ड्राइवरों का तर्क है कि जब अन्य प्लेटफॉर्म पर एक यात्रा ₹180 में उपलब्ध है, तो ग्राहक ₹250 खर्च क्यों करेगा? उदाहरण के तौर पर, कनॉट प्लेस से आईजीआई एयरपोर्ट तक का सफर Rapido पर ₹258 में मिल रहा है, जबकि भारत टैक्सी पर इसकी कीमत ₹349 है।
"ड्राइवरों की आय में गिरावट यह दर्शाती है कि केवल सरकारी समर्थन पर्याप्त नहीं है; बाजार में प्रतिस्पर्धा और मूल्य निर्धारण (Pricing) सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं।"
कंपनी के सूत्रों का कहना है कि उनके किराए 'ड्राइवर-फ्रेंडली' हैं क्योंकि वे CNG लागत, कार की EMI और रखरखाव को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं। हालांकि, यह तर्क उन ड्राइवरों को संतुष्ट नहीं कर पा रहा है जो खाली बैठने के कारण वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं।
भारत टैक्सी बनाम निजी ऐप्स: एक तुलना
| विशेषता | भारत टैक्सी | Uber/Rapido |
|---|---|---|
| कमीशन मॉडल | जीरो कमीशन (प्रशासनिक शुल्क के साथ) | प्रतिशत आधारित कमीशन |
| किराया स्तर | उच्च (ड्राइवर-केंद्रित लागत) | प्रतिस्पर्धी (ग्राहक-केंद्रित) |
| मुख्य चुनौती | कम बुकिंग और उच्च किराया | उच्च कमीशन दरें |
कंपनी का कहना है कि वे ड्राइवरों को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और कम दरों पर ऋण पुनर्वित्त (refinancing) जैसी सुविधाएं भी प्रदान कर रहे हैं। इसके बावजूद, आईजीआई एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात ड्राइवरों का कहना है कि पहले की तुलना में उनकी आय में भारी कमी आई है।
Frequently Asked Questions
1. भारत टैक्सी पर शुल्क क्या है?
कंपनी ₹10 का प्रशासनिक शुल्क लेती है, लेकिन यदि ड्राइवर ₹500 की सदस्यता लेता है, तो यह शुल्क घटकर ₹9 हो जाता है।
2. क्या भारत टैक्सी में ड्राइवर मालिक बन सकते हैं?
हाँ, यह एक सहकारी मॉडल है जिसका उद्देश्य ड्राइवरों को कंपनी का हिस्सा बनाना है।