नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 2030 तक 30 GW पॉलीसिलिकॉन निर्माण क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए एक नई सब्सिडी योजना तैयार की जा रही है।
- सरकार 2030 तक 30 GW पॉलीसिलिकॉन निर्माण क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रख रही है।
- पॉलीसिलिकॉन संयंत्र के लिए प्रति गीगावाट लगभग ₹850 करोड़ के निवेश की आवश्यकता होती है।
- ऊर्जा सुरक्षा और विनिर्माण लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए नई सब्सिडी योजना पर विचार किया जा रहा है।
भारत सरकार देश के सौर ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की दिशा में बढ़ रही है। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के सचिव, संतोष सारंगी ने हाल ही में संकेत दिया कि सरकार पॉलीसिलिकॉन निर्माण के लिए एक अतिरिक्त सब्सिडी योजना विकसित करने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य 2030 तक भारत में कम से कम 30 गीगावाट (GW) की पॉलीसिलिकॉन निर्माण क्षमता जोड़ना है। यह कदम न केवल भारत की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता को कम करने और विनिर्माण लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
निवेश की विशाल आवश्यकता
पॉलीसिलिकॉन उत्पादन एक पूंजी-गहन प्रक्रिया है। सचिव सारंगी के अनुसार, एक पॉलीसिलिकॉन संयंत्र के साथ मेटालर्जिकल ग्रेड सिलिकॉन उत्पादन के लिए प्रति गीगावाट क्षमता के लिए लगभग ₹850 करोड़ के भारी निवेश की आवश्यकता होती है। इतने बड़े पैमाने पर निवेश को आकर्षित करने के लिए, सरकार निर्माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के विभिन्न तरीकों पर विचार कर रही है।
भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए पॉलीसिलिकॉन विनिर्माण में आत्मनिर्भर होना ही होगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत वर्तमान में सौर पैनलों के लिए कच्चे माल के मामले में आयात पर अत्यधिक निर्भर है। पॉलीसिलिकॉन की घरेलू उपलब्धता न केवल सौर ऊर्जा की लागत को कम करेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनावों के दौरान भारत की ऊर्जा आपूर्ति को भी सुरक्षित रखेगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत ने पहले से ही उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन पॉलीसिलिकॉन के लिए मौजूदा क्षमता अभी भी मांग के मुकाबले बहुत कम है। यही कारण है कि सरकार अब एक विशेष और अधिक व्यापक सब्सिडी योजना की योजना बना रही है ताकि इस महत्वपूर्ण कमी को दूर किया जा सके।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: सरकार का 2030 तक का लक्ष्य क्या है?
उत्तर: सरकार का लक्ष्य 2030 तक 30 GW की पॉलीसिलिकॉन निर्माण क्षमता स्थापित करना है।
प्रश्न 2: सब्सिडी की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर: क्योंकि पॉलीसिलिकॉन संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रति गीगावाट ₹850 करोड़ जैसे भारी निवेश की आवश्यकता होती है।