दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बिनेंस ने असम में आई विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए गूंज की 'राहत पहल' को ₹3.3 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की है। यह राशि प्रभावित जिलों में हजारों परिवारों को भोजन, स्वच्छ पानी और आश्रय प्रदान करने में मदद करेगी।

  • बिनेंस चैरिटी ने असम बाढ़ राहत के लिए ₹3.3 करोड़ (3.5 लाख डॉलर) का योगदान दिया।
  • यह सहायता गूंज की 'राहत पहल' के माध्यम से 349 गांवों के 27,500 परिवारों तक पहुंचेगी।
  • राहत सामग्री में भोजन, स्वच्छता किट, तिरपाल और घरेलू सामान शामिल हैं।

असम में पिछले 60 वर्षों में आई सबसे भीषण बाढ़ के बीच, Binance Charity ने मानवीय सहायता के एक बड़े कदम के रूप में Goonj की 'राहत पहल' को ₹3.3 करोड़ (USD 350,000) दान करने की घोषणा की है। यह कदम उन हजारों परिवारों की मदद के लिए उठाया गया है जिन्होंने इस प्राकृतिक आपदा में अपना सब कुछ खो दिया है।

असम में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष बाढ़ से अब तक 105 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 25 जिलों के 2,734 गांवों में 12 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बिनेंस द्वारा दी गई यह राशि विशेष रूप से गोलाघाट, शिवसागर, चारियादेव, बजली, धेमाजी, सोनितपुर और जोरहाट जैसे जिलों के 349 बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि इस तरह के कॉर्पोरेट दान न केवल तात्कालिक राहत प्रदान करते हैं, बल्कि संकट के समय में वैश्विक संस्थाओं और स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करते हैं। क्रिप्टो क्षेत्र की बड़ी कंपनियों द्वारा इस तरह की सामाजिक जिम्मेदारी निभाना उनके प्रति जनता के विश्वास को बढ़ाने में मदद करता है।

संकट के समय समुदायों का एकजुट होना अनिवार्य है; यह योगदान परिवारों को पुनर्निर्माण की लंबी यात्रा शुरू करने में मदद करेगा।

SB Seker (Head of APAC, Binance) ने स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका पूरा ध्यान प्रभावित लोगों पर है और वे गूंज के माध्यम से जमीनी स्तर पर तत्काल सहायता सुनिश्चित करना चाहते हैं। वहीं, गूंज के संस्थापक Anshu Gupta ने जोर देकर कहा कि यह सहायता केवल आपातकालीन राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समुदायों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में भी सहायक होगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

असम का ब्रह्मपुत्र घाटी क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से मानसून के दौरान विनाशकारी बाढ़ का सामना करता रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण बाढ़ की तीव्रता और आवृत्ति में वृद्धि हुई है, जिससे बुनियादी ढांचे और आजीविका को अभूतपूर्व नुकसान पहुंच रहा है।

Did You Know?: बिनेंस चैरिटी ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके पारदर्शी और कुशल तरीके से संकट के समय सहायता प्रदान करने के लिए जानी जाती है।

Frequently Asked Questions

1. बिनेंस द्वारा दी गई सहायता राशि का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस राशि का उपयोग प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पानी, स्वच्छता किट और आश्रय के लिए आवश्यक सामग्री प्रदान करने हेतु किया जाएगा।

2. यह सहायता किन जिलों में वितरित की जाएगी?
यह मुख्य रूप से गोलाघाट, शिवसागर, चारियादेव, बजली, धेमाजी, सोनितपुर और जोरहाट जिलों में वितरित की जाएगी।