सस्ते ऊर्जा संसाधनों और बीजिंग से निकटता के कारण चीन के मंगोलियाई क्षेत्र का उलानक़ाब शहर अब वैश्विक AI क्रांति का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
- उलानक़ाब में 12.5 गीगावाट क्षमता के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
- सस्ता कोयला, पवन और सौर ऊर्जा इस विकास का मुख्य आधार है।
- DeepSeek, ByteDance और Alibaba जैसी दिग्गज कंपनियां यहाँ निवेश कर रही हैं।
- बढ़ती मांग के कारण क्षेत्र में पानी की भारी कमी का संकट पैदा हो गया है।
बीजिंग से मात्र दो घंटे की ट्रेन यात्रा की दूरी पर स्थित, इनर मंगोलिया के घास के मैदान अब केवल भेड़ पालन और कोयला खनन तक सीमित नहीं हैं। यह विशाल क्षेत्र अब चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रांति का असली इंजन बन चुका है। उलानक़ाब शहर, जो लगभग 15 लाख लोगों का घर है, पिछले कुछ वर्षों में एशिया के सबसे तेजी से बढ़ते कंप्यूट क्लस्टर्स में से एक के रूप में उभरा है।
गोल्डमैन सैक्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, उलानक़ाब में लगभग 100 डेटा सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं या निर्माणाधीन हैं। चीनी कंपनियों ने यहाँ कुल 12.5 गीगावाट की क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स का वादा किया है। तुलना के लिए, ओपनएआई (OpenAI) का महत्वाकांक्षी $500 बिलियन का 'स्टारगेट प्रोजेक्ट' केवल 10 गीगावाट की क्षमता तक पहुँचने वाला है, जो उलानक़ाब के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
विकास के पीछे के प्रमुख कारण
कंपनियां उलानक़ाब की ओर आकर्षित होने के तीन मुख्य कारण देख रही हैं। पहला, यहाँ की ऊँचाई और ठंडी जलवायु डेटा सेंटर्स को ठंडा रखने के लिए आवश्यक ऊर्जा की खपत को कम करती है। दूसरा, बीजिंग से इसकी निकटता डेटा ट्रांसमिशन में 'लेटेंसी' (देरी) को न्यूनतम रखती है। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण, यहाँ बिजली की लागत चीन के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी कम है, जिसका श्रेय पवन, सौर ऊर्जा और प्रचुर कोयला भंडार को जाता है।
AI मॉडल के प्रशिक्षण के लिए अब दूरदराज के डेटा सेंटर्स का उपयोग करना अधिक व्यवहार्य हो गया है क्योंकि इसके लिए रियल-टाइम इंटरैक्शन की आवश्यकता कम होती है।
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह बदलाव केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि व्यावसायिक मांग का परिणाम है। अब तक चीनी AI कंपनियां क्लाउड कंपनियों से क्षमता किराए पर लेती थीं, लेकिन अब DeepSeek, ByteDance, और Alibaba जैसी कंपनियां अपने स्वयं के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश कर रही हैं। यह संकेत है कि चीन अब वैश्विक AI बुनियादी ढांचे की दौड़ में अमेरिका को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है।
एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती: पानी का संकट
इस तकनीकी उछाल के साथ एक बड़ा संकट भी खड़ा हो गया है—पानी की कमी। उलानक़ाब एक शुष्क क्षेत्र है जहाँ सालाना केवल 14 इंच बारिश होती है। स्थानीय सरकार पहले से ही निवासियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है। हाल ही में, मांग को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय जल प्रणालियों को रात में कई घंटों के लिए बंद करना पड़ा था। हालांकि डेटा सेंटर्स को सर्दियों में कम पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन कुल बुनियादी ढांचा इस शुष्क क्षेत्र के लिए एक बड़ा पर्यावरणीय जोखिम है।
Frequently Asked Questions
1. उलानक़ाब में डेटा सेंटर क्यों बनाए जा रहे हैं?
यहाँ बिजली सस्ती है, जलवायु ठंडी है जो कूलिंग में मदद करती है, और यह बीजिंग के करीब है।
2. क्या यह विकास पर्यावरण के लिए सुरक्षित है?
बिजली के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग एक सकारात्मक पहलू है, लेकिन पानी की कमी एक बड़ी चिंता बनी हुई है।