प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत की राजनीतिक स्थिरता और निरंतर सुधार नीतियां वैश्विक विकास के लिए आशा की किरण हैं। उन्होंने 'लाइसेंस राज' के दौर को पीछे छोड़ते हुए 'अनुमति आधारित' अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने का संकल्प दोहराया।

  • भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में 'ग्रोथ और होप' का केंद्र माना जा रहा है।
  • सरकार 'प्रतिबंधित जब तक अनुमति न मिले' से बदलकर 'अनुमति जब तक प्रतिबंधित न हो' के मॉडल पर काम कर रही है।
  • प्रधानमंत्री ने 'सप्त धारा' ढांचे के माध्यम से विकसित भारत का रोडमैप प्रस्तुत किया।

नई दिल्ली में आयोजित Economic Times World Leaders Forum 2026 में बोलते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहाँ दुनिया में संसाधनों के हथियारीकरण और अविश्वास का माहौल है, वहीं भारत अपनी राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता के कारण दुनिया के लिए एक 'ब्राइट स्पॉट' (उज्ज्वल बिंदु) बनकर उभरा है।

प्रधानमंत्री ने भारत के आर्थिक सुधारों के सफर का वर्णन करते हुए कहा कि सरकार अब नियंत्रण के बजाय सशक्तिकरण (enabling) पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का नया दृष्टिकोण उद्यमियों पर भरोसा करने और उनके लिए अवसर पैदा करने पर आधारित है। उन्होंने 'जन विश्वास' अधिनियम और कानूनों के अपराधीकरण को समाप्त करने जैसे कदमों का उल्लेख किया, जिससे नागरिकों और व्यवसायों पर बोझ कम हुआ है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत का यह नीतिगत बदलाव वैश्विक निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है। 'लाइसेंस राज' के पुराने 'प्रोडक्शन लिंक्ड पनिशमेंट' (PLP) मॉडल से हटकर भारत अब उत्पादन को प्रोत्साहित करने वाले परिवेश का निर्माण कर रहा है, जो सीधे तौर पर विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करेगा।

भारत अब उद्यमों को नियंत्रित करने के बजाय उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने ऐतिहासिक भाषण का संदर्भ देते हुए 'सप्त धारा' (Sapta Dhara) ढांचे की चर्चा की। इसमें विनिर्माण (Manufacturing), कृषि-खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी और नवाचार, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, हरित और ब्लू इकोनॉमी, और सॉफ्ट पावर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि ये सात स्तंभ भारत को 'विकसित भारत' बनाने के मिशन में आधारशिला का काम करेंगे।

मोदी ने पुराने दौर की तुलना करते हुए कहा कि एक समय था जब उत्पादन सीमा से अधिक होने पर कंपनियों को दंडित किया जाता था। आज, भारत का लक्ष्य 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के माध्यम से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार बनना है।

Did You Know?: भारत की वर्तमान विकास दर को IMF दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में पहचानता है।

Frequently Asked Questions

1. प्रधानमंत्री ने 'सप्त धारा' ढांचे में किन क्षेत्रों पर जोर दिया है?
इसमें विनिर्माण, कृषि, तकनीक, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, हरित अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर शामिल हैं।

2. 'अनुमति आधारित' मॉडल का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि अब व्यवसाय करने के लिए बाधाएं कम हैं; जब तक कोई कार्य स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित नहीं है, उसे करने की अनुमति है।