अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार समझौते को लेकर अंतिम समय की बातचीत जारी है। शुक्रवार की आधी रात की समय सीमा से पहले दोनों देशों के बीच भारी दबाव बना हुआ है।

  • कनाडा के व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लैक ने कहा कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अभी और काम बाकी है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि समझौता 'आगे बढ़ रहा है', लेकिन अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
  • यदि समझौता विफल रहता है, तो कनाडा को स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल पर भारी अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है।

वाशिंगटन में जारी उच्च-स्तरीय वार्ताओं के बीच, कनाडा के व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लैक ने शुक्रवार शाम संकेत दिया कि वार्ताकार शुक्रवार की आधी रात की समय सीमा तक काम करना जारी रखेंगे। लेब्लैक ने स्पष्ट किया कि समझौता अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है और बातचीत का सिलसिला अंतिम क्षण तक चलता रहेगा।

यह वार्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि शुक्रवार की रात तक कोई समझौता नहीं होता है, तो कनाडा को अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए जाने वाले नए और अधिक कठोर टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। इन टैरिफ का असर कनाडा के प्रमुख उद्योगों जैसे स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर पड़ सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि कनाडा की आर्थिक स्थिरता के लिए एक अस्तित्वगत लड़ाई है। यदि कनाडा महत्वपूर्ण रियायतें देता है, तो उसे घरेलू राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ेगा, और यदि वह नहीं देता है, तो उसे भारी आर्थिक नुकसान और नौकरियों की हानि का जोखिम उठाना होगा।

लीक हुई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में अमेरिका कनाडा के स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ को 50% से घटाकर 25% करने और ऑटोमोबाइल पर 25% से घटाकर 15% करने पर सहमत हो सकता है। बदले में, कनाडा को अमेरिकी डेयरी उत्पादकों को अपने बाजार में अधिक पहुंच देनी पड़ सकती है और अमेरिकी शराब की बिक्री फिर से बहाल करनी पड़ सकती है।

कनाडा के लिए यह एक दोधारी तलवार है: आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संप्रभुता और घरेलू उद्योगों के साथ समझौता करना पड़ सकता है।

कनाडा के भीतर भी इस समझौते को लेकर मतभेद हैं। विपक्षी नेता पियरे पोइलीवरे ने इसे 'एकतरफा' करार देते हुए चेतावनी दी है कि इससे देश का वि-औद्योगिकीकरण हो सकता है। वहीं, मैनिटोबा के प्रीमियर वाब किन्यू ने कनाडा को झुकने के बजाय संघर्ष करने की सलाह दी है।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। उन्हें एक तरफ अमेरिकी दबाव का सामना करना है और दूसरी तरफ अपने ही प्रांतों के नेताओं और जनता की नाराजगी को संभालना है। लेजर (Leger) के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 56% कनाडाई चाहते हैं कि सरकार अमेरिका के प्रति सख्त रुख अपनाए।

Did You Know?: यदि नए अमेरिकी टैरिफ लागू होते हैं, तो अनुमान है कि कनाडा में लगभग 90,000 नौकरियां जा सकती हैं।

Frequently Asked Questions

1. समझौते में देरी का क्या जोखिम है?
यदि समझौता समय पर नहीं होता है, तो ट्रंप प्रशासन कनाडा के विभिन्न सामानों पर 50% तक के नए टैरिफ लगा सकता है।

2. कनाडा के किन उद्योगों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा?
मुख्य रूप से स्टील, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल और डेयरी क्षेत्र पर इसका सबसे गहरा प्रभाव पड़ने की आशंका है।