गृह मंत्रालय ने विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (RINL) से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को पूरी तरह वापस बुलाने का आदेश दिया है। यह निर्णय 1,329 स्वीकृत पदों को प्रभावित करेगा और 17 नवंबर 2026 तक लागू होगा।

  • गृह मंत्रालय ने विशाखापत्तनम स्टील प्लांट से CISF को हटाने की मंजूरी दी है।
  • कुल 1,329 स्वीकृत पदों (सुरक्षा और अग्नि शमन विंग) को समाप्त किया जाएगा।
  • निकासी की अंतिम समयसीमा 17 नवंबर, 2026 निर्धारित की गई है।
  • प्लांट प्रबंधन को सभी बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करना होगा।

भारत के महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL), जो विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (VSP) की कॉर्पोरेट इकाई है, से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को पूरी तरह से वापस बुलाने की अनुमति दे दी है।

नई दिल्ली स्थित CISF महानिदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक संचार के अनुसार, इस वापसी से कुल 1,329 स्वीकृत पद प्रभावित होंगे। इसमें सुरक्षा विंग के 1,033 कर्मी और अग्नि शमन (Fire Wing) विंग के 298 कर्मी शामिल हैं। 18 अगस्त, 2026 को गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद, CISF अधिनियम की धारा 14(2) के तहत यह निर्देश जारी किया गया है। इसमें तीन महीने की नोटिस अवधि निर्धारित की गई है, जिसके तहत 17 नवंबर, 2026 को अंतिम वापसी की तिथि तय की गई है।

सुरक्षा ढांचे पर प्रभाव

इस निर्णय ने विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में, इस औद्योगिक परिसर में केंद्रीय बलों की तैनाती में चरणबद्ध तरीके से कमी देखी गई है। अब पूर्ण निकासी के बाद, प्लांट को अपनी सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी होंगी।

CISF की निकासी औद्योगिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो संयंत्र की भविष्य की सुरक्षा रणनीति को बदल देगी।

बकाया राशि और अनुपालन

केंद्रीय निर्देश में चेन्नई स्थित दक्षिण क्षेत्र मुख्यालय और स्थानीय यूनिट कमांडेंट को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि बल के बाहर निकलने से पहले प्लांट प्रबंधन से सभी लंबित वित्तीय बकाया राशि की वसूली कर ली जाए। निकासी के बाद, सेक्टर आईजी को एक औपचारिक अनुपालन रिपोर्ट और 'नो-ड्यूज सर्टिफिकेट' प्रस्तुत करना होगा, ताकि गृह मंत्रालय इन स्वीकृत पदों को स्थायी रूप से समाप्त करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सके।

हालांकि डिजिटल प्रतियां सोशल मीडिया और कर्मचारी समूहों के बीच तेजी से प्रसारित हो रही हैं, जिससे ट्रेड यूनियनों के बीच व्यापक चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन RINL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि प्रबंधन को इस बारे में जानकारी है, हालांकि आधिकारिक हार्ड कॉपी अभी तक कॉर्पोरेट कार्यालय में नहीं पहुंची है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) से सुरक्षा बलों की वापसी अक्सर लागत कटौती और सुरक्षा के निजीकरण की ओर बढ़ते रुझान का संकेत देती है। विशाखापत्तनम जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संयंत्र के लिए, यह निर्णय परिचालन जोखिमों और सुरक्षा प्रबंधन के बीच एक नाजुक संतुलन की मांग करता है।

Did You Know?: CISF को विशेष रूप से महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: CISF के कितने कर्मी विशाखापत्तनम स्टील प्लांट छोड़ेंगे?
उत्तर: कुल 1,329 कर्मी छोड़ेंगे, जिनमें 1,033 सुरक्षा कर्मी और 298 अग्नि शमन कर्मी शामिल हैं।

प्रश्न 2: निकासी की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: आधिकारिक आदेश के अनुसार, अंतिम निकासी की तिथि 17 नवंबर, 2026 है।