तमिलनाडु सिविल सप्लाईज़ कॉरपोरेशन ने इरोड के थडापल्ली‑अरक्कनकोट्टई जल क्षेत्रों में 39 सीधा धान खरीद केंद्र खोले, जहाँ किसान सीधे सरकार को बेच सकेंगे और बैंक में भुगतान प्राप्त करेंगे।

  • इरोड में 39 नए धान खरीद केंद्र शुरू किए गए
  • ग्रेड ‘ए’ धान की कीमत ₹2,545/क्विंटल, सामान्य धान ₹2,500/क्विंटल
  • भुगतान बायो‑मेट्रिक e‑Procurement के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में

केंद्रों का विवरण

तमिलनाडु सिविल सप्लाईज़ कॉरपोरेशन (TNCSC) ने थडापल्ली‑अरक्कनकोट्टई जल क्षेत्रों में सोमवार, 24 अगस्त 2026 से 39 सीधे धान खरीद केंद्र शुरू कर दिए हैं। इरोड के कालीपट्टी, एलुर, नंजै पुलियाम्पत्ति, पुथुवालीयम्पालयम, आलुकुली आदि स्थानों पर ये केंद्र कार्यरत हैं।

मूल्य निर्धारण और भुगतान प्रक्रिया

ग्रेड ‘ए’ धान के लिए तय कीमत ₹2,545 प्रति क्विंटल है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,389 और प्रोत्साहन ₹156 शामिल है। सामान्य किस्म के लिए कीमत ₹2,500 प्रति क्विंटल, MSP ₹2,369 और प्रोत्साहन ₹131 निर्धारित किया गया है। भुगतान बायो‑मेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद e‑Procurement प्रणाली के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में क्रेडिट किया जाएगा।

किसानों के लिए आवश्यक दस्तावेज़

केंद्रीय अधिकारी एस. कंदसामी ने बताया कि किसानों को केंद्र पर जल प्रशासनिक अधिकारी का प्रमाणपत्र, पट्टा, चिट्टा, अदंगल, आधार कार्ड की प्रति, बैंक पासबुक की प्रति और दो पासपोर्ट‑साइज़ फोटो प्रस्तुत करने होंगे।

Historical Background

भारत में धान की सरकारी खरीद का इतिहास 1970 के दशक से शुरू होता है, जब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को किसानों की आय स्थिर करने के लिए पेश किया गया। तमिलनाडु ने 1990 के बाद से डिजिटल खरीद प्रणाली अपनाई, लेकिन कई बार मध्यस्थों की भागीदारी से किसान को कम कीमत मिलती रही। सीधे खरीद केंद्रों की स्थापना इस समस्या को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that direct procurement reduces transaction costs, eliminates middlemen, and can increase farmer incomes by up to 10 % in the region, setting a precedent for other states.

"ई‑प्रोक्योरमेंट के साथ बायो‑मेट्रिक प्रमाणीकरण कृषि बाजार में पारदर्शिता लाएगा," कृषि विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा ने कहा।
Did You Know?: तमिलनाडु में 2025 में धान की कुल सरकारी खरीद ₹1,200 करोड़ तक पहुँच गई थी, जो पिछले वर्ष से 15 % अधिक है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या छोटे किसान भी इन केंद्रों से धान बेच सकते हैं?
हाँ, सभी पंजीकृत किसान, चाहे उनका खेत छोटा हो या बड़ा, इन केंद्रों में धान बेच सकते हैं।

Q2: भुगतान कितनी जल्दी किसानों के बैंक खाते में जाता है?
भुगतान बायो‑मेट्रिक सत्यापन के बाद 24 घंटे के भीतर खाते में जमा हो जाता है।