केरल के कोट्टायाम में स्थित पुत्रपाल्ली रबर रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (RRII) को रबर क्लोन की विशिष्टता, समानता और स्थिरता (DUS) परीक्षण के लिए राष्ट्रीय मॉडल सेंटर घोषित किया गया। यह कदम रबर वैरायटी के संरक्षण और किसानों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा।
- पुत्रपाल्ली आरआरआईआई को राष्ट्रीय मॉडल सेंटर मान्यता मिली
- रबर क्लोन की विशिष्टता, समानता और स्थिरता (DUS) परीक्षण
- केरल के रबर किसानों को वैरायटी संरक्षण में कानूनी सुरक्षा
पृष्ठभूमि
रबर रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (RRII) का इतिहास 1950 के दशक से शुरू होता है, जब भारत ने रबर उत्पादन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई अनुसंधान केंद्र स्थापित किए थे। कोट्टायाम में स्थित पुत्रपाल्ली इकाई ने पिछले दो दशकों में क्लोन वैरायटी की पहचान, रोग प्रतिरोधक क्षमता और उत्पादन क्षमता पर व्यापक अध्ययन किए हैं।
राष्ट्रीय मॉडल सेंटर की घोषणा
रबर बोर्ड के चेयरमैन एन. हरी ने सोमवार को औपचारिक रूप से इस केंद्र को समर्पित किया, जिसमें उन्होंने संस्थान के रेफरेंस संग्रह से क्लोन रबर के पौधे रोपित किए। रबर बोर्ड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एम. वसन्ता गेशन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य उद्देश्य
केंद्र का मुख्य कार्य रबर क्लोन की Distinctness, Uniformity and Stability (DUS) का वैज्ञानिक परीक्षण करना है। इस प्रक्रिया से नई वैरायटी की विशिष्टता, समानता और स्थिरता का प्रमाण मिलता है, जिससे प्लांट अथॉरिटी, नई दिल्ली को पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने में सहायता मिलती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that integrating Kerala’s rubber growers into the national DUS framework will boost export quality, attract private R&D investment, and safeguard farmer rights under the Protection of Plant Varieties and Farmers’ Rights Act.
“रबर क्लोन की DUS मान्यता भारत की कृषि विविधता को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है,” कहा कृषि विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. अजय सिंह ने।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में रबर उत्पादन का इतिहास 19वीं सदी के अंत में शुरू हुआ, जब ब्रिटिश कंपनियों ने कोच्चि के आसपास बागानों की स्थापना की। 1970 के दशक में रबर बोर्ड ने वैरायटी संरक्षण के लिए DUS परीक्षण प्रणाली अपनाई, परन्तु राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत मॉडल सेंटर की कमी रही। आज का निर्णय इस अंतर को पाटता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: DUS परीक्षण का क्या अर्थ है?
उत्तर: यह परीक्षण नई रबर वैरायटी की विशिष्टता, समानता और स्थिरता को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित करता है, जिससे कानूनी संरक्षण मिलता है।
प्रश्न 2: केरल के किसान इस मान्यता से कैसे लाभान्वित होंगे?
उत्तर: वे नई वैरायटी के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें बाजार में बेहतर मूल्य और बौद्धिक संपदा अधिकार मिलेंगे।