फेडरल रजिस्ट्री में प्रकाशित नोटिस के अनुसार, अमेरिकी सरकार H‑1B वीज़ा का शुल्क $103,265 तक बढ़ाने की योजना बना रही है। यह कदम भारतीय तकनीकी पेशेवरों और अमेरिकी कंपनियों के बीच तनाव को बढ़ा सकता है।
- फेडरल रजिस्ट्री में नया नोटिस प्रकाशित
- H‑1B वीज़ा शुल्क $103,265 तक बढ़ेगा
- भारतीय पेशेवरों और US कंपनियों पर संभावित प्रभाव
संयुक्त राज्य सरकार ने फेडरल रजिस्ट्री में एक औपचारिक नोटिस प्रकाशित किया, जिसमें बताया गया कि H‑1B वीज़ा के लिए नया आवेदन शुल्क $103,265 तक बढ़ा दिया जाएगा। यह राशि पहले के $2,500 से कई गुना अधिक है और इसमें प्रशासनिक, सुरक्षा और ट्रांसपोर्टेशन लागतें शामिल की गई हैं।
यह प्रस्ताव ट्रम्प प्रशासन द्वारा पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी श्रम बाजार को विदेशी कुशल कर्मचारियों से बचाना और वीज़ा प्रक्रिया में अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करना माना जा रहा है। नोटिस के अनुसार, यह शुल्क सभी नए H‑1B आवेदकों पर लागू होगा, चाहे वे पहले से यूएस में हों या नहीं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: H‑1B वीज़ा कार्यक्रम 1990 के दशक में शुरू हुआ, जिससे अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले विदेशी कामगारों को नियुक्त करने की अनुमति मिली। पिछले दशकों में इस कार्यक्रम में कई बार संशोधन हुए हैं, लेकिन इस स्तर का शुल्क वृद्धि पहली बार देखी जा रही है।
भारतीय आईटी पेशेवरों और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने इस कदम को लेकर गहरी चिंता जताई है। कई भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस शुल्क से छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों की भर्ती क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होगी।
विरोधी पक्ष का कहना है कि यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि कई टेक कंपनियों को कुशल कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, इस प्रकार की बड़ी शुल्क वृद्धि से वैध वीज़ा प्रक्रिया में झंझट और अनियमितता बढ़ सकती है।
संभावित कानूनी चुनौतियों की भी चर्चा हो रही है। कई इमिग्रेशन वकीलों ने संकेत दिया है कि यह शुल्क वृद्धि मौजूदा इमिग्रेशन कानूनों के विरुद्ध हो सकती है और अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that a fee hike of this magnitude could reshape the global talent pipeline, pushing companies to consider nearshoring or automation alternatives, and may trigger diplomatic discussions between the US and India.
"Such an exorbitant fee undermines the original intent of the H‑1B program, which was to attract top global talent, not to deter them," says immigration policy expert Dr. Anita Rao.
Frequently Asked Questions
क्या यह नया शुल्क सभी H‑1B आवेदकों पर लागू होगा? हाँ, नोटिस के अनुसार यह सभी नए आवेदनों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे वे पहले से यूएस में हों या नहीं।
क्या इस शुल्क वृद्धि को चुनौती दी जा सकती है? कई इमिग्रेशन वकील इस बात पर भरोसा जताते हैं कि यह कदम अदालत में चुनौती का सामना कर सकता है, क्योंकि यह मौजूदा इमिग्रेशन नियमों के साथ टकरा सकता है।