इन्फोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा है कि भारत जल्द ही अनुसंधान और विकास (R&D) सेवाओं के लिए दुनिया का पसंदीदा गंतव्य बन जाएगा। उन्होंने इंजीनियरों से देश को उत्पाद-संचालित अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
- भारत अनुसंधान और विकास (R&D) और उन्नत तकनीकी समाधानों के लिए वैश्विक गंतव्य बनने की राह पर है।
- क्रिस गोपालकृष्णन ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और इनक्यूबेशन को भविष्य के संस्थानों के चार स्तंभ बताया।
- इंजीनियरों को भारत को उत्पाद-आधारित विकसित अर्थव्यवस्था में बदलने का आह्वान किया गया।
कोयंबटूर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, इन्फोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन ने एक दूरदर्शी दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने घोषणा की कि भारत अब केवल सेवाओं का प्रदाता नहीं रहेगा, बल्कि अनुसंधान और विकास (R&D) सेवाओं और उन्नत तकनीकी समाधानों के लिए दुनिया का डिफ़ॉल्ट गंतव्य बनने की प्रक्रिया में है।
PSG कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के स्थापना दिवस समारोह में 'बिल्डिंग टुमारो' विषय पर बोलते हुए, गोपालकृष्णन ने भविष्य के लिए तैयार संस्थानों के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संस्थान की सफलता के लिए शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और इनक्यूबेशन—ये चार स्तंभ—अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी के इंजीनियरों से अपील की कि वे केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि भारत के संक्रमण को एक उत्पाद-संचालित (product-driven) विकसित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए सक्रिय योगदान दें।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत का सेवा-आधारित मॉडल अब उच्च-मूल्य वाले अनुसंधान मॉडल की ओर बढ़ रहा है। यदि भारत वैश्विक R&D का केंद्र बनता है, तो यह न केवल बौद्धिक संपदा (IP) के निर्माण में मदद करेगा, बल्कि वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को भी मौलिक रूप से बदल देगा।
भारत को एक सेवा प्रदाता से बदलकर एक उत्पाद निर्माता के रूप में स्थापित करना ही हमारी अगली आर्थिक क्रांति होगी।
कार्यक्रम के दौरान, गोपालकृष्णन ने PSG & Sons’ Charities के संस्थापक ट्रस्टी जी. आर. कार्तिकन को प्लैटिनम जुबली स्मारिका सौंपी। इस अवसर पर एल. गोपालकृष्णन ने संस्थान के संस्थापक, प्रो. जी. आर. दामोदरन की शैक्षणिक दृष्टि को याद करते हुए अंतर-विषयक अनुसंधान और उद्योग सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह में कई प्रतिष्ठित हस्तियों को 'विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया गया, जिनमें टीआईएए (TIAA) इंस्टीट्यूट के सूर्या प्रकाश कोल्लूरी और टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स की सावित्री सीतारमन जैसे वैश्विक नेता शामिल थे। यह आयोजन भारत के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और शैक्षणिक उत्कृष्टता के संगम को प्रदर्शित करता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्रिस गोपालकृष्णन ने भविष्य के संस्थानों के लिए किन चार स्तंभों का उल्लेख किया?
उत्तर: उन्होंने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और इनक्यूबेशन को चार मुख्य स्तंभ बताया।
प्रश्न 2: गोपालकृष्णन के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था को किस दिशा में जाना चाहिए?
उत्तर: उनके अनुसार, भारत को एक सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पाद-संचालित (product-driven) विकसित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना चाहिए।