प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के एक हालिया अध्ययन ने बैंकिंग क्षेत्र में सबको चौंका दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) निजी बैंकों की तुलना में अधिक दक्षता के साथ काम कर रहे हैं।
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की दक्षता 2025-26 में 93.12% दर्ज की गई, जबकि निजी बैंकों की 86.02% रही।
- HDFC बैंक निजी क्षेत्र में सबसे कुशल रहा, जबकि SBI सार्वजनिक क्षेत्र में शीर्ष पर रहा।
- विशेषज्ञों ने अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े और समान आकार के बैंकों के निर्माण का सुझाव दिया है।
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के बारे में प्रचलित धारणाओं को चुनौती देते हुए, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के एक हालिया अध्ययन ने खुलासा किया है कि सरकारी बैंक, निजी बैंकों की तुलना में अधिक कुशल हैं। अध्ययन के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाताओं (PSBs) की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सौम्या कांति घोष और तपस कुमार परिदा द्वारा लिखित शोध पत्र, जिसका शीर्षक 'Reforms, Efficiency, and Productivity of Indian Banking Sector in the Last Decade: A DEA Approach' है, यह दर्शाता है कि 2025-26 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की दक्षता 93.12% रही। इसके विपरीत, निजी बैंकों की दक्षता 86.02% और विदेशी बैंकों की 85.88% दर्ज की गई।
कार्यक्षमता का गणित
डेटा एनवलपमेंट एनालिसिस (DEA) पद्धति का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने बताया कि 100% से कम दक्षता स्कोर का अर्थ है कि बैंक अपने इनपुट (लागत, कर्मचारी, संसाधन) को कम करके भी समान आउटपुट प्राप्त कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी बैंक की दक्षता 85% है, तो वह अपने संसाधनों में 15% की कटौती करके भी वही परिणाम दे सकता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह रिपोर्ट बैंकिंग क्षेत्र में चल रही व्यापक सुधार प्रक्रिया का परिणाम है। पिछले दशक में हुए बड़े विलय (Mergers) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अधिक सुव्यवस्थित और प्रतिस्पर्धी बनाया है। यह डेटा उस बहस को भी शांत करता है जिसमें अक्सर सरकारी बैंकों को निजी बैंकों की तुलना में सुस्त माना जाता है।
बैंकिंग क्षेत्र में भविष्य की सफलता के लिए तकनीक के साथ-साथ मानव संसाधन और कौशल विकास सबसे महत्वपूर्ण कारक होंगे।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि 12 वर्षों की अवधि (2014-15 से 2025-26) के दौरान, HDFC बैंक निजी क्षेत्र में 97.54% के स्कोर के साथ सबसे कुशल रहा, जबकि SBI 97.49% के साथ सार्वजनिक क्षेत्र का नेतृत्व कर रहा था। दिलचस्प बात यह है कि IDBI बैंक, जिसे सरकार वर्षों से बेचने की कोशिश कर रही है, पिछले 12 वर्षों में सातवां सबसे कुशल बैंक रहा है।
बैंकों की दक्षता का तुलनात्मक विवरण
| बैंक श्रेणी | 2025-26 दक्षता स्कोर (%) | 12-वर्षीय औसत स्कोर (%) |
|---|---|---|
| सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) | 93.12% | 88.53% |
| निजी बैंक | 86.02% | 85.62% |
| विदेशी बैंक | 85.88% | 88.98% |
शोधकर्ताओं का सुझाव है कि भारत को बैंकों के और अधिक एकीकरण (Consolidation) पर ध्यान देना चाहिए ताकि कुछ बड़े और समान आकार के बैंक बनाए जा सकें। यह कदम 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक ऋण मांग को पूरा करने में मदद करेगा।
Frequently Asked Questions
1. DEA पद्धति क्या है?
DEA या डेटा एनवेलपमेंट एनालिसिस एक गणितीय विधि है जिसका उपयोग यह मापने के लिए किया जाता है कि कोई संस्था अपने संसाधनों का उपयोग कितनी कुशलता से कर रही है।
2. अध्ययन के अनुसार सबसे कुशल निजी बैंक कौन सा है?
अध्ययन के अनुसार, 2014-15 से 2025-26 के बीच HDFC बैंक सबसे कुशल निजी बैंक रहा है।