रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स को अपने ₹37,700 करोड़ के आईपीओ के लिए सेबी से हरी झंडी मिल गई है। यह भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।
- जियो प्लेटफॉर्म्स को सेबी (SEBI) से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई है।
- यह आईपीओ ₹37,700 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखता है, जो भारत के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा।
- कंपनी 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी।
- रिलायंस जियो वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल ऑपरेटर है।
मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की प्रमुख डिजिटल और फिनटेक सहायक कंपनी, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से अपने महत्वाकांक्षी आईपीओ के लिए आधिकारिक मंजूरी प्राप्त कर ली है। 28 अगस्त, 2026 को जारी एक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह कदम रिलायंस के व्यापक डिजिटल विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह आईपीओ बाजार से लगभग ₹37,700 करोड़ जुटा सकता है। यदि यह लक्ष्य पूरा होता है, तो यह भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। कंपनी के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जियो प्लेटफॉर्म्स कुल 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रहा है। हालांकि, निवेशकों के लिए आईपीओ की सटीक तारीख और प्राइस बैंड (मूल्य सीमा) का खुलासा अभी किया जाना बाकी है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के लिए एक 'बूस्टर शॉट' साबित हो सकता है। पिछले कुछ समय से बाजार में सुस्त रिटर्न और आईपीओ की कमी देखी गई है, ऐसे में जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जैसे बड़े नामों का बाजार में आना निवेशकों के उत्साह को फिर से जगा सकता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ न केवल रिलायंस के लिए पूंजी जुटाने का माध्यम है, बल्कि यह भारत के डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ते प्रभुत्व का भी प्रमाण है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए दायर ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर आज सेबी से ऑब्जर्वेशन लेटर प्राप्त कर लिया है।" गौरतलब है कि जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के बाद यह रिलायंस समूह का दूसरा बड़ा ब्रांड है जो पूंजी बाजार से धन जुटाने की तैयारी कर रहा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
रिलायंस जियो ने बहुत कम समय में वैश्विक दूरसंचार परिदृश्य को बदल दिया है। जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, 53 करोड़ से अधिक ग्राहकों के साथ, यह चीन मोबाइल के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल ऑपरेटर बन गया है। यह विस्तार केवल टेलीकॉम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें फिनटेक, डिजिटल सेवाओं और ई-कॉमर्स का एक विशाल नेटवर्क शामिल है।
Frequently Asked Questions
1. जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का आकार क्या है?
अनुमानित आकार ₹37,700 करोड़ है, जिसमें 27 करोड़ नए शेयर शामिल हैं।
2. क्या सेबी ने आईपीओ को मंजूरी दे दी है?
हाँ, सेबी ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर अपनी टिप्पणी (Observation Letter) दे दी है।