तमिलनाडु के आवास और शहरी विकास मंत्री बी राजकुमार ने भूमि उपयोग मंजूरी के डिजिटलीकरण और पुराने फ्लैटों के पुनर्विकास के लिए एक व्यापक पैकेज की घोषणा की है। इन सुधारों का उद्देश्य शहरी विकास की गति को बढ़ाना और मध्यम वर्ग के लिए आवास ऋण का बोझ कम करना है।

  • भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अब पूरी तरह से डिजिटल होगी।
  • 5,000 वर्ग फुट तक के आवासीय भवनों के लिए स्व-प्रमाणन (Self-certification) की सुविधा मिलेगी।
  • पुराने और जर्जर फ्लैटों के पुनर्विकास के लिए ₹2,882 करोड़ का बजट आवंटित।
  • सहकारी आवास समितियों के ऋणधारकों के लिए ब्याज में राहत की घोषणा।

तमिलनाडु के आवास और शहरी विकास मंत्री बी राजकुमार ने विधानसभा में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए राज्य के शहरी बुनियादी ढांचे और आवास क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन का खाका पेश किया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रशासनिक बाधाओं को कम करना, प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना और शहरी निवासियों के जीवन स्तर में सुधार करना है।

इस नए सुधार पैकेज के तहत, नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशालय (DTCP) भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में काम करेगा। इससे न केवल भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी, बल्कि आवेदकों को लंबी सरकारी प्रक्रियाओं से भी मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा, छोटे आवासीय भवनों (5,000 वर्ग फुट तक) और छोटे वाणिज्यिक भवनों (1,500 वर्ग फुट तक) के लिए स्व-प्रमाणन की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे निर्माण कार्यों में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तमिलनाडु का यह कदम भारत के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकता है। डिजिटल गवर्नेंस और डी-ब्यूरोक्रेटाइजेशन (लालफीताशाही में कमी) सीधे तौर पर 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देते हैं, जो शहरी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

डिजिटल मंजूरी और स्व-प्रमाणन की सुविधा मध्यम वर्ग और छोटे उद्यमियों के लिए शहरी विकास के द्वार खोल देगी।

पुनर्विकास के मोर्चे पर, तमिलनाडु शहरी आवास विकास बोर्ड ने एक विशाल योजना तैयार की है। सरकार ₹2,882.62 करोड़ की लागत से 20 परियोजना क्षेत्रों में 12,648 जर्जर फ्लैटों का पुनर्निर्माण करेगी। इसमें सबसे पहले 9,918 असुरक्षित इकाइयों को ध्वस्त किया जाएगा ताकि निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, ₹96.63 करोड़ की राशि 41,664 पुराने फ्लैटों के नवीनीकरण के लिए आवंटित की गई है।

आर्थिक राहत के संदर्भ में, सरकार ने प्राथमिक सहकारी आवास समितियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ऋण चूक करने वाले उधारकर्ताओं के लिए ब्याज छूट योजना लागू की जाएगी। विशेष रूप से, निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के उधारकर्ताओं को एक अतिरिक्त 1% ब्याज छूट का लाभ मिलेगा, जिससे उनके मासिक बोझ में कमी आएगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तमिलनाडु ऐतिहासिक रूप से भारत के सबसे अधिक शहरीकृत राज्यों में से एक रहा है। जैसे-जैसे चेन्नई और अन्य शहरी केंद्र बढ़ रहे हैं, भूमि प्रबंधन और किफायती आवास की मांग में भारी वृद्धि हुई है। पिछले कुछ वर्षों में, राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में निवेश बढ़ाया है ताकि शहरीकरण की चुनौतियों का सामना किया जा सके।

Did You Know?: तमिलनाडु भारत के उन अग्रणी राज्यों में से है जो शहरी नियोजन के लिए उन्नत डिजिटल मानचित्रण (Mapping) का उपयोग कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions

1. स्व-प्रमाणन (Self-certification) का क्या लाभ है?
इससे छोटे निर्माण कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी और मंजूरी जल्दी मिलेगी।

2. क्या पुराने फ्लैटों के निवासियों को मुआवजा मिलेगा?
सरकार जर्जर फ्लैटों को ध्वस्त कर नए और सुरक्षित आवास बनाने के लिए ₹2,882 करोड़ का निवेश कर रही है।