तेलंगाना सरकार व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए TG-iPASS 2.0 लॉन्च कर रही है, जिसके तहत 96 विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक स्वीकृतियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाएगा। इसमें 'डीम्ड अप्रूवल' तंत्र शामिल होगा, जिससे प्रक्रिया और भी तेज हो जाएगी।

  • TG-iPASS 2.0 के माध्यम से 96 विभिन्न व्यावसायिक स्वीकृतियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
  • 30 दिनों के भीतर मंजूरी न मिलने पर 'डीम्ड अप्रूवल' (माना हुआ अनुमोदन) लागू होगा।
  • वाणिज्यिक, शैक्षिक और नैदानिक प्रतिष्ठानों के लिए यह एक गेम-चेंजर साबित होगा।
  • सरकार इस ढांचे को वैधानिक सहायता (Statutory Backing) प्रदान करने पर काम कर रही है।

तेलंगाना सरकार राज्य में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) के स्तर को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रही है। उद्योग निदेशक निखिल चक्रवर्ती ने हाल ही में एक सेमिनार के दौरान घोषणा की कि सरकार TG-iPASS 2.0 के तहत लगभग 96 विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक स्वीकृतियों को एक एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत कर रही है।

इस नई प्रणाली में वाणिज्यिक, शैक्षिक, नैदानिक और अन्य प्रकार के प्रतिष्ठानों से संबंधित अनुमतियों को शामिल किया जाएगा। इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका 'डीम्ड अप्रूवल' (Deemed Approval) तंत्र है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी अधिकारियों द्वारा मंजूरी नहीं दी जाती है, तो उसे स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम न केवल लालफीताशाही को कम करेगा, बल्कि निवेशकों के विश्वास को भी मजबूत करेगा। 30 दिनों की समय सीमा व्यवसायों को अनिश्चितता से बचाएगी, जिससे तेलंगाना भारत के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में से एक बन जाएगा।

TG-iPASS 2.0 का कार्यान्वयन तेलंगाना को व्यापार करने के अधिकार और गति के वैश्विक मानकों के करीब ले जाएगा।

विशेष रूप से 'ग्रीन' और 'व्हाइट' श्रेणी के उद्योगों के लिए, जिनका पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है, सरकार का लक्ष्य उन्हें तुरंत संचालन शुरू करने की अनुमति देना है। इसके बाद, वे स्थापना के बाद की आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर सकेंगे। सरकार इस पूरे ढांचे को कानूनी मजबूती देने के लिए भी काम कर रही है ताकि उद्यमियों को पूर्ण सुरक्षा मिल सके।

इस दौरान आयोजित 'नेशनल पेपर डे' सेमिनार में पेपर उद्योग के हितधारकों ने भी अपनी मांगें रखीं। FPTA के नवनिर्वाचित अध्यक्ष टी. किशन सिंह ने सरकार से कागज और पेपरबोर्ड पैकेजिंग पर जीएसटी (GST) को 18% से घटाकर 5% करने का आग्रह किया, ताकि उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बना रहे।

Did You Know?: तेलंगाना का वर्तमान iPASS मॉडल भारत में सिंगल-विंडो क्लीयरेंस के सबसे सफल उदाहरणों में से एक माना जाता है।

Frequently Asked Questions

1. TG-iPASS 2.0 क्या है?
यह तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू किया गया एक उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो 96 विभिन्न व्यावसायिक स्वीकृतियों को एक ही स्थान पर प्रदान करता है।

2. 'डीम्ड अप्रूवल' का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि यदि सरकार 30 दिनों के भीतर किसी आवेदन पर निर्णय नहीं लेती है, तो उसे स्वतः ही स्वीकृत मान लिया जाएगा।